भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैच की सीरीज का तीसरा टेस्ट मोहाली में खेला जाएगा। विशाखापट्टनम टेस्ट जीतकर सीरीज में भारत 1-0 से आगे है। अगर मोहाली में भी बाजी भारत के हाथ लगी तो मेहमान टीम के लिए सीरीज में भारत को हराने का सपना टूट जाएगा। लेकिन भारत के लिए राह इतनी आसान नहीं होगी। पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में आंकड़े इंग्लैंड के पक्ष में हैं। पिछले 30 सालों के आंकड़ों को देखने पर पता चलता है कि जब भी इंग्लैंड की टीम भारत के खिलाफ तीन या इससे ज्यादा टेस्ट सीरीज में 1-0 से पिछड़ी है तब उसने वापसी करते हुए सीरीज जीती है। उदाहरण के लिए, 2012 में भारत दौरे पर इंग्लैंड ने 1-0 से पिछड़ने के बाद 2-1 से सीरीज जीत ली। इसी तरह से 2014 में इंग्लैड दौरे पर भारत ने लॉडर्स में टेस्ट जीतकर बढ़त ले ली थी। इसके बाद अंग्रेजों ने अगले तीन टेस्ट जीतकर सीरीज 3-1 से अपने नाम कर ली।
1984-85 में डेविड गॉवर की कप्तानी वाली टीम ने भी पिछड़ने के बाद भारत को सीरीज में हरा दिया था। हालांकि भारत को 2011 में इंग्लैंड में 4-0 से शर्मनाक हार भी झेलनी पड़ी थी। वहीं 2002 में मेहमान टीम को 1-0 से बढ़त के बाद ड्रा पर संतोष करना पड़ा था। इस लिहाज से मोहाली, मुंबई और चेन्नई में खेले जाने वाले तीनों टेस्ट काफी रोमांचक होंगे। कुछ इसी तरह का माहौल अभी भी बना हुआ है। मोहाली टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम ने दो बदलाव किए है। क्रिस वॉक्स और जोस बटलर को बेन डकेट और स्टुअर्ट ब्रॉड की जगह शामिल किया गया है। खबर है कि जफर अंसारी की जगह गैरी बैटी को लिया जा सकता है। भारत के लिए अच्छी खबर है कि मोहाली में वह 1994 के बाद से कभी टेस्ट मैच नहीं हारा है। 1994 में वेस्ट इंडीज से हार के बाद से भारत ने मोहाली के पीसीए मैदान में 6 मैच जीते हैं और पांच ड्रा हुए हैं।
तीसरे टेस्ट के लिए भारतीय टीम में एक बदलाव होगा। विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा के चोटिल होने के कारण पार्थिव पटेल को मौका मिला है। पटेल को आठ साल बाद टेस्ट टीम में जगह मिली है। उन्होंने आखिरी टेस्ट 2008 में खेला था। पटेल ने जब टेस्ट डेब्यू किया था उस समय वर्तमान टीम के किसी खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेलते थे। यह पहला मौका है जब किसी भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी ने इतने लंबे समय बाद अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की है। पार्थिव जब 2008 में टीम में थे तब सचिन, लक्ष्मण, द्रविड़, सहवाग, वसीम जाफ़र, गांगुली, कुंबले, जहीर खान, अजित आगरकर भारतीय टीम में खेलते थे आज ये सब खिलाड़ी सन्यास ले चुके हैं। भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली खुद अंडर 14 क्रिकेट खेलते थे।

