भारतीय क्रिकेट टीम में ‘सर’के नाम से मशहूर रविंद्र जडेजा आज अपना 31वां जन्मदिन मना रहे हैं। यह जन्मदिन उनके लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि आज यानी 6 दिसंबर 2019 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला भी है। ऐसे में उनकी कोशिश शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीम को यादगार जीत दिलाने की होगी। वहीं, टीम इंडिया के उनके साथ खिलाड़ी भी ड्रेसिंग रूम में जीत के साथ उनका बर्थडे केक काटने की इच्छा कर रहे होंगे।
6 दिसंबर, 1988 को नवगाम-खेड़ में पैदा हुए जडेजा के पिता सिक्योरिटी गार्ड थे। पापा उन्हें आर्मी स्कूल में पढ़ाकर सेना में भर्ती कराना चाहते थे, मगर जडेजा को क्रिकेट में खासी दिलचस्पी थी। रविंद्र जडेजा की मां उनकी समझती थी और हमेशा क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहान किया करती थी। 16 साल की उम्र में जडेजा अंडर-19 खेलने लगे थे। उन्हें 2006 में श्रीलंका में होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम में चुना गया।
भारतीय टीम खिताब जीतने से चूक गई मगर फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ तीन विकेट लेकर जडेजा ने अपना प्रतिभा दिखा दी थी। 2008 में अगले अंडर-19 वर्ल्ड कप में विराट कोहली कप्तान थे और जडेजा उप-कप्तान। दो सालों में जडेजा अंडर-19 टीम की रीढ़ बन चुके थे। पूरे टूर्नामेंट के 6 मैचों में 13 की औसत से उन्होंने 10 विकेट चटकाए। लेकिन उनकी बल्लेबाजी का हुनर अभी भी सभी के सामने आना बाकी था।

रविंद्र जडेजा को टैटू का शौक काफी पहले से रहा है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपने शरीर पर तीन टैटू बनवा रखे हैं। एक टैटू उनकी कलाई पर है तो दूसरा बाइसेप्स पर। उन्होंने तीसरा टैटू अपनी पीठ के पीछे गुदवा रखा है। टैटूओं के अलावा जडेजा को आपने तलबार बाजी करते हुए भी देखा होगा। अक्सर अपना शतक या अर्धशतक पूरा करने के बाद मैदान पर बल्ले से तलवार चलाने वाले जडेजा को वास्तविक जिंदगी में भी तलरवारबाजी करना बेहद पसंद है।

रविंद्र जडेजा का पशुओं के प्रति प्रेम भी किसी से छिपा नहीं है। हालांकि, इसी चक्कर में उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा था। जडेजा ने गुजरात के जूनागढ़ के गिर वन्यजीव अभयारण्य में बाघों के साथ सेल्फी खींची थी। इस कारण उन्हें गुजरात वन विभाग को 20,000 रुपए का जुर्माना भरना पड़ा था। इससे आप अंदाजा लगा सकते है कि जडेजा को जानवरों से कितना लगाव है।

