भारत और इंग्लैंड के बीच विशाखापत्तनम में गुरुवार से शुरू हुए पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच में भारत की तरफ से हरियाणा के लिए रणजी खेलने वाले आॅफ स्पिनर जयंत यादव ने टेस्ट पदार्पण किया। हालांकि, जयंत को अभी तक इस मैच में गेंद या बल्ले से अपना जौहर दिखाने का मौका नहीं मिला है फिर भी उन्होंने मैदान में उतरे बिना ही एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। जयंत एक ही मैदान पर अंतरराष्ट्रीय वन-डे और टेस्ट मैच में डेब्यू करने वाले चुनिंदा खिलाडि़यों लिस्ट में शामिल हो गए।

इससे पहले जयंत यादव ने 29 अक्टूबर को विशाखापत्तनम के इसी मैदान पर ही न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय वन-डे मैच में डेब्यू किया था। जयंत ने उस मैच में 1 विकेट हासिल किया था। उसी मैदान पर अब जयंत को टेस्ट डेब्यू करने का भी मौका मिला। वे भारत की तरफ से टेस्ट मैच खेलने वाले 286वें क्रिकेटर होंगे। जयंत को उनके डेब्यू मैच में भारत के पूर्व कप्तान रवि शास्त्री ने टेस्ट कैप पहनाया।

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो मैचों के लिए चानकर्ताओं ने जयंत का चयन कर सबको चौंकाया दिया था, क्योंकि टीम में पहले से ही तीन दिग्गज स्पिनर आर अश्विन, रविन्द्र जडेजा और अमित मिश्रा मौजूद थे। ये तीनों स्पिनर राजकोट में पहले टेस्ट मैच में खेले थे। लेकिन टीम प्रबंधन ने विशाखापत्तनम में दूसरे टेस्ट के लिए अमित मिश्रा की जगह जयंत को टेस्ट डेब्यू करने का मौका दिया। रणजी ट्रॉफी सत्र 2014-15 में जयंत ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया था। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 33 विकेट लिए थे।

अमित मिश्रा की जगह जयंत को मौका देने की एक वजह यह भी हो सकती है कि वे बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक जैसी मजबूत टीम के खिलाफ दोहरा शतक (211) लगाया था। इसके आलावा जयंत के नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दो शतक भी दर्ज है। कप्तान विराट कोहली ने जयंत को अमित मिश्रा की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की जो वजह बताई उसके मुताबिक इंग्लिश टीम में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज है, इसलिए जयंत उनके विरुद्ध उपयोगी साबित हो सकते हैं। अब जयंत को कप्तान की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा।