भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने आईपीएल मीडिया अधिकार के संदर्भ में प्रतिस्पर्धा रोधी गतिविधियों के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) पर 52 करोड़ 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने 2013 में बीसीसीआई पर जुर्माने लगाने पर के अपने फैसले को कायम रखा है। सीसीआई ने 44 पन्ने के अपने आदेश में कहा है कि 52 करोड़ 24 लाख रुपये का जुर्माना पिछले तीन वित्त वर्ष में बीसीसीआई के संबंधित टर्नओवर का लगभग 4 . 48 प्रतिशत है। बीसीसीआई की तीन वित्त वर्षों 2013-14, 2014-15 और 2015-16 में औसत कमाई 1164 . 7 करोड़ रुपये रही है। दरअसल ये सारा विवाद साल 2010 का है। जब दिल्ली के एक क्रिकेट प्रशंसक सुरेंद्र सिंह बार्मी ने सीसीआई के सामने भारत में क्रिकेट टूनामेंट पर बीसीसीआई के एकाधिकार का मु्ददा उठाया था।
जिसके बाद इस मामले में सुनवाई करते हुए आयोग ने पाया था कि बीसीसीआई ने आईपीएल के प्रसारण अधिकार देने के करार में जानकर ऐसे नियम बनाए हैं जिसके चलते प्रसारण के अधिकार पाने वाला चैनल कोई दूसरा टी-20 क्रिकेट टूनामेंट का आयोजन या प्रसारण नहीं कर सकता। इस नियम को सीसीआई ने कॉम्पिटिशन एक्ट 2002 का उल्लंघन माना था और बीसीसीआई पर जुर्माना लगाया था। अपने इसी फैसले को आयोग ने ताजे फैसले में जारी रखा है। सीसीआई ने कहा, ‘‘आयोग के आकलन में स्पष्ट तौर पर पता चला है कि बीसीसीआई ने प्रसारण अधिकारों की बोली लगाने वालों के व्यावसायिक हित के अलावा बीसीसीआई के आर्थिक हितों को बचाने के लिए जानबूझकर मीडिया अधिकार करार में से एक नियम हटाया।’’

