भारतीय ऑलराउंडर और टीम इंडिया के में ‘सर’ उपनाम से मशहूर रवींद्र जडेजा ने चेन्नई टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 48 रन पर सात विकेट लेकर इंग्लैंड को हराने में अहम भूमिका निभाई। यह रवींद्र जडेजा के टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी था। इस मैच में इंग्लैंड की पहली पारी में भी रवींद्र जडेजा ने 106 रन देकर तीन विकेट लिया था। इस तरह जडेजा ने मैच में कुल 10 लिए और 51 रन की अर्धशतकीय पारी भी खेली। गेंद और बल्ले के आलावा जडेजा ने इस मैच में क्षेत्ररक्षण में भी अपनी उपयोगिता साबित की और दोनों पारियों को मिलाकर कुल 4 कैच लपके। जडेजा ने चेन्नई टेस्ट में 51 रन बनाए, मैच में 154 रन देकर 10 विकेट लिए और कुल चार कैच लपके। उन्होंने पहली पारी में 1 और दूसरी पारी में 3 कैच लपके।
अपने इस प्रदर्शन के साथ ही रवींद्र जडेजा ने एक ऐसा कीर्तिमान भी बनाया, जो 139 सालों के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में कोई दूसरा खिलाड़ी नहीं बना पाया। जडेजा ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में 48 रनों पर 7 विकेट लेते हुए भारत को इस टेस्ट में पारी और 75 रनों से यादगार जीत दिलाई। रवींद्र जडेजा दुनिया के ऐसे पहले खिलाड़ी बन गए जिसने एक टेस्ट मैच में अर्द्धशतक लगाने, 10 विकेट लेने और 4 कैच लपकने का करिश्मा किया। रवींद्र जडेजा एक टेस्ट मैच में 50 प्लस स्कोर बनाने और 10 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने। इससे पहले भारत की तरफ से कपिल देव यह करिश्मा कर चुके हैं। कपिल ने 1979-80 में चेन्नई में पाकिस्तान के खिलाफ यह करिश्मा किया था।
रवींद्र जडेजा से पहले दुनिया के 6 खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने एक टेस्ट मैच में अर्द्धशतक लगाया, 10 विकेट लिए और 2 कैच लपके। न्यूजीलैंड के मार्क क्रैग (पाकिस्तान के खिलाफ, 2014-15, शारजाह), दक्षिण अफ्रीका के फैनी डी’विलियर्स (पाकिस्तान के खिलाफ, 1994-95, जोहानसबर्ग), न्यूजीलैंड के रिचर्ड हैडली (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1985-86, ब्रिस्बेन), न्यूजीलैंड के डियोन नैश (इंग्लैंड के खिलाफ 1994, लॉर्ड्स), ऑस्ट्रेलिया के एच ट्रंबल (इंग्लैंड के खिलाफ 1902, ओवल) और इंग्लैंड के एफ वुडली (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1912, ओवल) शामिल हैं।
