बीसीसीआई के बर्खास्त सचिव अजय शिर्के ने सोमवार (2 जनवरी) को कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा उन्हें पद से हटाये जाने के फैसले से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां प्रशासनिक बदलाव का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीसीसीआई की स्थिति पर नहीं पड़ेगा। शिर्के ने न्यायालय के फैसले के बाद कहा,‘इस फैसले पर मेरी कोई प्रतिक्रिया नहीं है। यदि यह उच्चतम न्यायालय का फैसला है कि मैं सचिव नहीं रहूं तो इससे सरल क्या हो सकता है। बीसीसीआई में मेरा काम खत्म हो गया है।’ यह पूछने पर कि बोर्ड अगर लोढ़ा समिति के सुझावों को लागू कर देता तो क्या इस स्थिति से बचा जा सकता था, शिर्के ने कहा कि इस मसले से दूसरी तरह से निपटने का कोई सवाल ही नहीं था।

उन्होंने कहा,‘आखिर में बीसीसीआई सदस्यों से ही बनती है। यह मेरे या अध्यक्ष की बात नहीं थी बल्कि यह सदस्यों की बात थी।’ शिर्के ने ब्रिटेन से कहा,‘इतिहास में जाने की कोई वजह नहीं है। लोग अलग अलग तरीके से अतीत का आकलन कर सकते हैं। मेरा पद से कोई निजी लगाव नहीं है। पहले भी मैंने इस्तीफा दिया है। मेरे पास करने के लिये बहुत कुछ है। बोर्ड में जगह थी तो मैं आया और निर्विरोध चुना गया। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है और कोई पछतावा भी नहीं है।’

शिर्के ने उम्मीद जताई कि बोर्ड वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत स्थिति बनाये रखेगा। उन्होंने कहा,‘मुझे उम्मीद है कि नये पदाधिकारी बीसीसीआई का अच्छा काम जारी रखेंगे। उम्मीद है कि बोर्ड वैश्विक स्तर पर अपना रुतबा बरकरार रखेगा। उम्मीद है कि भारतीय टीम भी खेल के तीनों प्रारूपों में अपना दबदबा कायम रखेगा।’ इस बीच पूर्व स्पिनर बिशन सिंह बेदी की अगुवाई में क्रिकेट जगत ने इस फैसले की सराहना की है। बेदी ने कहा,‘यह ऐतिहासिक फैसला है। भारतीय क्रिकेट के लिये यह अच्छा है और इससे क्रिकेट ढर्रे पर आ जायेगा। अब उम्मीद की किरण नजर आ रही है और हम उच्चतम न्यायालय के शुक्रगुजार हैं। मैं बहस में नहीं पड़ना चाहता। यह अंतिम और सर्वमान्य है। भारतीय खेलों और क्रिकेट के लिये यह अच्छी खबर है।’

लोढ़ा समिति की एक राज्य एक वोट की सिफारिशों का बीसीसीआई खासकर मुंबई क्रिकेट संघ ने विरोध किया था। पिछले महीने एमसीए अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले 76 बरस के पवार उच्चतम न्यायालय के फैसले से निराश दिखे। एक राज्य एक वोट का सुझाव लागू करने के मायने हैं कि मुंबई, महाराष्ट्र और विदर्भ को रोटेशन आधार पर मतदान का अधिकार होगा। पवार ने कहा,‘यह मुंबई क्रिकेट के लिये सबसे दुखद दिन है। मुंबई क्रिकेट ने इतने अंतरराष्ट्रीय सितारे दिये हैं और भारतीय क्रिकेट के लिये इतना कुछ किया है। मुंबई को मतदान से दरकिनार करने का फैसला दर्दनाक है।’

सौराष्ट्र क्रिकेट संघ के सचिव और अनुभवी प्रशासक निरंजन शाह ने कहा कि लोढा समिति के सुधारों को लागू करने के अलावा कोई चारा नहीं है। उन्होंने कहा,‘उच्चतम न्यायालय जो कुछ भी कहता है, वह अंतिम और सर्वमान्य है। हम उसका पालन करेंगे।’ तमिलनाडु क्रिकेट संघ के सचिव काशी विश्वनाथ ने कहा,‘हमें उच्चतम न्यायालय के फैसले पर अमल करना होगा। ऐसा नहीं करना न्यायालय की अवमानना होगा। हम जल्दी ही इस संदर्भ में आमसभा की विशेष बैठक बुलायेंगे।’ कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के बृजेश पटेल ने कहा कि वह न्यायालय के फैसले की प्रति का इंतजार कर रहे हैं जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय करेंगे