चैम्पियन बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने मंगलवार को कहा कि पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के मार्गदर्शन में भारतीय क्रिकेट निश्चित तौर पर तरक्की करेगा। भारत के लिए 113 टेस्ट और 311 वनडे खेल चुके गांगुली ने सोमवार को मुंबई में बीसीसीआई अध्यक्ष पद के लिये नामांकन भरा। उनका 23 अक्टूबर को होने वाली बोर्ड की सालाना आम बैठक में निर्विरोध चुना जाना तय है। लक्ष्मण ने ट्वीट किया ,”सौरव गांगुली को बीसीसीआई अध्यक्ष बनने की बधाई। मुझे इसमें कोई शक नहीं कि उनकी कप्तानी में भारतीय क्रिकेट तरक्की करेगा। नयी भूमिका के लिये शुभकामनायें दादा।” गांगुली ने जवाब में लिखा ,‘‘शुक्रिया वीवीएस। आपका योगदान काफी अहम रहेगा।’’ सहवाग ने अपने ट्विट पर लिखा, दादा को अध्यक्ष बनने पर बधाई। इसके बाद उन्होंने लिखा, ”देर है अंधेर नहीं, भारत के लिए अच्छे संकेत है, भारतीय क्रिकेट में पहले से ही आपका जबरदस्त योगदान रहा है..आशा है आगे भी होगा…”
दादा को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बधाई दी। गांगुली को बधाई देते हुए बनर्जी ने कहा कि उन्होंने भारत और पश्चिम बंगाल को गौरवान्वित किया है। उन्होंने ट्वीट किया, ”आपको आपके कार्यकाल के लिये शुभकामनायें । हमें बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष के तौर पर भी आपके कार्यकाल पर गर्व रहा है । अगली शानदार पारी के लिये शुभकामना।”
गौरतलब है कि बीते दिन (14 अक्टबूर) गांगुली को बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन, पूर्व सचिव और सौराष्ट्र के दिग्गज निरंजन शाह और आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष राजीव शुक्ला की मौजूदगी में बोर्ड मुख्यालय में निर्वाचन अधिकारी को अपना नामांकन पत्र सौंपा। इस दौरान मौजूद एन.श्रीनिवासन, राजीव शुक्ला और निरंजन शाह जैसे दिग्गज क्रिकेट प्रशासकों के साथ नामांकन दाखिल करने के बाद गांगुली ने यहां पत्रकारों से कहा, ”हितों का टकराव का मुद्दा बड़ा है और मुझे यह नहीं पता है कि मैं सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों की सेवाएं ले पाऊंगा या नहीं क्योंकि उनके पास दूसरे विकल्प भी मौजूद होंगे।”
गांगुली ने साफ किया कि ‘एक व्यक्ति एक पद’ के मौजूदा नियम क्रिकेट के पूर्व दिग्गजों को प्रशासन में आने से रोकेगा क्योंकि उन्हें अपनी आजीविका कमाने की भी जरूरत होगी। पूर्व भारतीय कप्तान क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) का हिस्सा थे जिसके खिलाफ मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ के सदस्य संजीव गुप्ता ने आचरण अधिकारी डीके जैन को कई शिकायतें की। इन शिकायतों के बाद सीएसी को भंग कर दिया गया था।
गांगुली ने कहा कि इस उपबंध (हितों के टकराव से जुड़ा नियम) से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने कहा, ” अगर आप विभिन्न नियुक्तियों को देखे सब के साथ कुछ ना कुछ मामला है। इसमें एनसीए या सीएसी या बल्लेबाजी, क्षेत्ररक्षण कोचों की नियुक्ति पर भी सवाल उठे। कमेंटेटरों और आईपीएल को भी लेकर मुद्दे रहे हैं। यह भारतीय क्रिकेट के लिए गंभीर मुद्दा है जिसे जल्द ही हल किये जाने की जरूरत है।”
(भाषा के इनपुट के साथ)

