मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में इंग्लैंड के साथ खेले जा रहे पहले अभ्यास मैच में महेंद्र सिंह धोनी कप्तान के रूप में नीली जर्सी में आखिरी बार बल्लेबाजी करने के लिए उतरे। इस दौरान महेंद्र सिंह धोनी जब ड्रेसिंग रूम से बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतर रहे थे स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का हूजूम अपने चहेते कप्तान की एक झलक पाने को बेकरार दिखा और धोनी-धोनी नारे के साथ पूरा स्टेडियम गूंज रहा था। इस बीच एक अजीब वाकया घटित हुआ, इंडिया ए की पारी के 46वें ओवर में महेंद्र सिंह धोनी क्रीज पर थे तभी दर्शक दीर्घा में मौजूद उनका एक प्रशंसक मैदान में आ गया और क्रीज तक पहुंचकर महेंद्र सिंह धोनी का पैर छू लिया। सुरक्षाबलों ने इस क्रेजी दर्शक को पकड़कर मैदान से बाहर किया।
इस अभ्यास मैच में महेंद्र सिंह धोनी आखिरी बार कप्तान के रूप में नीली जर्सी पहनकर बल्लेबाजी के लिए उतरे। उन्होंने बल्ले से शानदार पारी खेलते हुए 40 गेंदों में 8 चौकों और 2 छककों की मदद से नाबाद 68 रन बनाए। अंबाती रायडू 97 गेंदों में 11 चौकों और 1 छक्के की मदद से 100 रन बनाने के बाद रिटॉयर्ड हर्ट होकर पैवेलियन चले गए। उसके बाद महेंद्र सिंह धोनी बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे। यह मैच भले ही एक अभ्यास मैच था अपने चहेते कप्तान को आखिरी बार कप्तानी करते हुए देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक ब्रेबोर्न स्टेडियम पहुंचे थे। दर्शकों को मानो धोनी का ही इंतजार था और जैसे ही वो ड्रेसिंग रूम से निकलकर मैदान की ओर बढ़े पूरा स्टेडियम धोनीमय हो गया। उन्होंने दर्शकों को निराश नहीं किया और अपनी बल्लेबाजी से उनका भरपमर मनोरंजन किया।
इससे पहले मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इंडिया ए की तरफ से शिखर धवन और मनदीप सिंह ने पारी की शुरूआत की। मनदीप सिंह मात्र 8 रन बनाकर तेज गेंदबाज डेविड विले की गेंद पर बोल्ड हो गए। शिखर धवन ने अच्छी बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया और जेक बॉल की गेंद पर विकेट के पीछे जोस बटलर द्वारा कैच किए जाने से पहले 84 गेंदों में 8 चौकों और एक छक्के की मदद से 63 रन की पारी खेली। शिखर धवन के आउट होने के बाद बल्लेबाजी के लिए आए युवराज सिंह ने पहले वनडे मैच के लिए टीम में अपनी दावेइारी मजबूत करते हुए शानदार 56 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 48 गेंदों का सामना किया और 6 चौके तथा 2 छक्के जड़े। इस प्रकार इंडिया ए ने पांच विकेट के नुकसान पर 304 रन का स्कोर खड़ा किया और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 305 रनों का लक्ष्य रखा।

