भारत को जकार्ता में जारी 18वें एशियाई खेलों के सातवें दिन शनिवार को स्क्वॉश में तीन कांस्य पदक प्राप्त हुए। दीपिका पल्लीकल और जोशना चिनप्पा ने महिला एकल वर्ग जबकि सौरभ घोषाल ने पुरुष एकल वर्ग में पदक जीता। भारत के तीनों खिलाड़ियों को सेमीफाइनल मुकाबले में हार झेलनी पड़ी और कांस्य से संतोष करना पड़ा। भारतीय टीम बीते कुछ वक्त से बगैर कोच खेल रही है। हालांकि एसआरएफआई ने साइरस पोंचा और भुवनेश्वरी कुमारी को बतौर कोच टीम के साथ भेजा, लेकिन खिलाड़ी खुद ही एक-दूसरे को ट्रेनिंग देते रहे।

दीपिका पल्लीकल के मुताबिक, “हम सभी को खिलाड़ियों की कोचिंग पसंद है। खिलाड़ी ही खिलाड़ी से बात करेंगे। हमने खुद ये फैसला लिया। हरिंदर पाल संधू, सौरव घोषाल और मैं मिलकर प्रैक्टिस करते हैं।”

बता दें कि एशियन गेम्स-2018 के सातवें दिन सबसे पहले मैच में स्टार खिलाड़ी दीपिका ने अपना सेमीफाइनल मुकाबला खेला। उन्हें मलेशिया की निकोल एन डेविड ने एकतरफा मुकाबले में 3-0 से करारी शिकस्त दी। दीपिका ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। उनसे सेमीफाइनल में भी जीत की उम्मीद थी, हालांकि 26 साल की यह खिलाड़ी सेमीफाइनल में अपनी फॉर्म को जारी नहीं रख पाईं। उन्होंने 2014 में दक्षिण कोरिया के इंचियोन में हुए एशियाई खेलों के 17वें संस्करण में भी एकल वर्ग का कांस्य पदक अपने नाम किया था।

दिनेश कार्तिक और दीपिका पल्लीकल।

दूसरी ओर जोशना चिनप्पा को सेमीफाइनल मुकाबले में मलेशिया की सिवासांगरी सुब्रामण्यम के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। चिनप्पा ने मलेशियाई प्रतिद्वंद्वी को कड़ी टक्कर दी लेकिन फिर भी वह 1-3 से हार गईं।

पुरुष एकल वर्ग में सौरभ घोषाल ने हांगकांग के चुंग मिंग एयू के खिलाफ शानदार शुरुआत की और आसानी से पहले सेट को अपने नाम किया। हांगकांग के खिलाड़ी दूसरे सेट में भी घोषाल को कड़ी टक्कर नहीं दे पाए और पांच सेट के मैच 0-2 से पीछे हो गए। इसके बाद, मैच ने रोमांचक मोड़ लिया और चुंग मिंग एयू ने शानदार वापसी करते हुए तीसरा सेट अपने नाम किया। हांगकांग के खिलाड़ी ने आगे भी दमदार खेल दिखाया और अगले दो सेट में जीत दर्ज करते हुए फाइनल में जगह बना ली।