कोविड-19 के चलते लंबे समय से खेल गतिविधियां रुकी पड़ी हैं। खेल की दुनिया से ताल्लुक रखने वाले एथलीट लॉकडाउन में भी अपनी प्रैक्टिस कर रहे हैं। खेल प्रेमियों के लिए अच्छी खबर ये है कि लंबे समय के लॉकडाउन के बाद खेल मंत्रालय ने स्टेडियम खोलने की स्वीकृति दे दी है। मैदानों में खिलाड़ियों ने अपनी ट्रेनिंग भी शुरू कर दी है। टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके खिलाड़ी नए सिरे से तैयारी शुरू कर रहे हैं। ओलपिंक क्वालिफाई करने वालों में जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवान बजरंग पूनिया का नाम भी शामिल है। हाल ही में बजरंग ने एक इंटरव्यू दिया जिसमें उन्होंने ट्रेनिंग के संबंधित कई बातें शेयर कीं।

वर्ल्ड चैंपियनशिप में तीन मेडल जीत चुके बजरंग घर पर ही ट्रेनिंग कर रहे हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया, ‘मैं सोशल मीडिया (वाट्सएप, फेसबुक, यूट्यूब आदि) की दी जानकारी को फॉलो नहीं करता। मैं सिर्फ सरकार और एक्सपर्ट के आदेश ही मानता हूं।’ बजरंग से जब पूछा गया कि आपने लॉकडाउन किस तरह से प्रैक्टिस जारी रखी और आपका रूटीन कैसा रहा? क्या लॉकडाउन से आपकी फिटनेस और गेम पर क्या असर पड़ा?

तब उन्होंने जवाब दिया, ”मुझे ज्यादा परेशानी नहीं हुई। मैंने घर पर ही एक मैट और कुछ जिम इक्विपमेंट्स का इंतजाम कर लिया था। उससे मुझे ट्रेनिंग करने में काफी मदद मिली। मेरा ट्रेनिंग पार्टनर और फिजियो मेरे साथ थे, इसलिए मेरी ट्रेनिंग लगातार जारी रही।”

पुनिया से जब पूछा गया कि खेल मंत्री किरेन रिजिजू का मानना है कि इस बार 6 से 10 मेडल भारत की झोली में आ सकते हैं। ऐसे में आप कितने मेडल की उम्मीद रखते हैं? तब पुनिया ने बताया कि उम्मीद तो सभी करते हैं और मैं भी यही सोचता हूं क्योंकि सरकार ने खिलाड़ियों को काफी सपोर्ट किया है।

आगे पुनिया उस सवाल के जवाब में अपनी राय रखी जिसमें उनसे पूछा गया कि, भारतीय एथलीटों की तैयारी पूरी रहती बावजूद इसरे मेडल नहीं ला पाते आखिर ऐसा क्यों? विदेश जाने पर बैन है, क्या इससे तैयारी पर असर पड़ेगा? तब पुनिया ने बताया, ”अब खेल को लेकर देशवासियों की भी सोच बदल रही है। क्रिकेट के साथ बाकी गेम्स की तरफ भी अब देशवासी रुचि लेने लगे हैं। उम्मीद है बदलाव आएगा। विदेशी कोच और विदेश में ट्रेनिंग से कुछ फर्क तो पड़ेगा, पर ये मुश्किल किसी एक के लिए नहीं पूरी दुनिया के लिए है। सभी इस परेशानी से जूझ रहे हैं।”

इसी दौरान पुनिया ने कोरोना की वजह से ओलपिंक के पोस्टपोन को लेकर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा, ”ओलपिंक के पोस्टपोन से हम एथलीटों को बहुत फर्क पड़ेगा क्योंकि हम खास टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए ही प्लानिंग करते हैं। अब जब ओलिंपिक गेम्स एक साल के लिए पोस्टपोन हो गए हैं तो ट्रेनिंग के साथ-साथ पूरी प्लानिंग भी बदलनी होगी।” बता दें कि अब एथलीट सोशल मीडिया से अपना ध्यान हटाकर तैयारी पर फोकस करने लगे हैं। इसी के साथ अपनी डाइट और खान-पान का ध्यान भी दे रहे हैं।