यमन में आज सैनिकों और शिया विद्रोहियों के बीच संघर्ष में 41 व्यक्तियों की मौत हो गई जबकि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून ने कुवैत के प्रतिद्वंद्वी गुटों से शांति योजना स्वीकार करने की अपील की। ईरान समर्थित हुथी विद्रोहियों और राष्ट्रपति अबेदरब्बू मनसौर हादी के बीच संयुक्त राष्ट्र की कोशिश से शुरू हुई वार्ता कोई उपलब्धि हासिल नहीं कर पायी है। यह वार्ता 21 अप्रैल को शुरू हुई थी।
हुथी विद्रोहियों एवं पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के वफादार सैनिकों ने वर्ष 2014 से देश के बहुत बड़े हिस्से पर कब्जा कर रखा है। राजधानी सना समेत विशाल क्षेत्र पर अब भी उसका नियंत्रण है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ओउल्ड चीख अहमद ने इस संघर्ष को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों से अपने अपने रूख से पीछे हटने की बार बार अपील की है। मार्च, 2015 से इस संघर्ष में 6400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 28 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं।
एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि विद्रोहियों ने दक्षिण प्रांत लाहज में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अल अनद हवाई ठिकाने की ओर से बढ़ने का प्रयास जारी रखा। विद्रोहियों और उनके सहयोगियों ने लाहज और तायेज प्रांत के बीच कुबैता क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। अधिकारी ने बताया कि 11 विद्रोही तब मारे गए जब सउच्च्दी अरब नीत गठबंधन के युद्धक विमानों ने उन पर कुबैता और किर्श में हमला किया।
वफादार मिलीशिया के एक सूत्र ने बताया कि लाहज और तायेज के बीच क्षेत्र विद्रोहियों के वाजिया क्षेत्र में आगे बढ़ने के प्रयास में हुए संघर्ष में पांच विद्रोही और तीन सरकारी सैनिक मारे गए। एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि छह अन्य सैनिक तायेज शहर में हुए संघर्ष में मारे गए। अधिकारी ने कहा कि इस बीच उत्तरी यमन में पिछले 24 घंटे में हुए संघर्ष में नौ विद्रोही और सात सैनिक मारे गए गए हैं।

