ईरान में पिछले कुछ दिनों से हिंसक प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच निर्वाचित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी का एक और नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में उन्होंने अब सिर्फ प्रदर्शनकारियों से विरोध जारी रखने की अपील नहीं की है, बल्कि ईरानी सेना से भी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया है।

वीडियो में रज़ा पहलवी ईरानी सेना से कहते हैं कि उन्हें यह समझने की जरूरत है कि सेना ईरान की राष्ट्रीय सेना है, न कि किसी इस्लामी गणराज्य या सत्ता की निजी ताकत। उनका कहना है कि सेना का एकमात्र कर्तव्य देश के नागरिकों की जान बचाना और उनकी रक्षा करना होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय सेना के पास ज्यादा वक्त नहीं है और उसे जल्द से जल्द इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहिए।

जानकारी के लिए बता दें कि रज़ा पहलवी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ईरानी सरकार इस मुद्दे पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए है, लेकिन रज़ा पहलवी लगातार दुनिया से अपील कर रहे हैं कि इस हिंसा को रोका जाए और ईरान में शांति बहाल की जाए।

गौरतलब है कि इससे पहले भी रज़ा पहलवी की ओर से ऐसे बयान सामने आ चुके हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख भी चर्चा में है। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अमेरिका ईरान के लोगों तक मदद पहुंचाने पर विचार कर रहा है। उन्होंने यह भी साफ किया है कि फिलहाल वह किसी भी ईरानी नेता या अधिकारी से मुलाकात नहीं करेंगे।

ट्रंप के इन बयानों के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इस पूरे विवाद में अमेरिका सक्रिय भूमिका निभा सकता है, जिससे खामेनेई की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। खास बात यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने “ईरान ग्रेट अगेन” का नारा भी दिया है, जिसे प्रदर्शनकारियों का मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

हालांकि, दूसरी ओर ईरानी सरकार ने भी सख्त चेतावनी दी है। कुछ दिन पहले ही सुप्रीम लीडर खामेनेई कह चुके हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ ईरानियों के खून से रंगे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका की ओर से कोई भी उकसावे वाली कार्रवाई की गई, तो अमेरिका के साथ-साथ इज़राइल को भी जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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