Bangladesh News: बांग्लादेश में एक और हिंदू शख्स पर भीड़ ने हमला कर उन्हें आग के हवाले कर दिया। इस हमले में खोकन चंद्र दास नाम का व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। पीड़ित की पत्नी सीमा दास ने बताया कि वह समझ नहीं पा रही हैं कि उनके पति खोकन चंद्र दास पर इतनी बेरहमी से हमला क्यों किया गया, जबकि इलाके में उनके परिवार का कोई दुश्मन नहीं था।

सीमा दास ने एनडीटीवी को रोते हुए बताया, “हमारा किसी से भी किसी मुद्दे पर कोई विवाद नहीं है। हमें समझ नहीं आ रहा कि मेरे पति को अचानक निशाना क्यों बनाया गया।” उन्होंने आगे कहा, “हम हिंदू हैं। हम बस शांति से रहना चाहते हैं। हमलावर मुसलमान थे और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। मैं सरकार से मदद की गुहार लगाती हूं।”

सीमा ने बताया कि उनके पति ने हमलावरों में से दो को पहचान लिया था। इसीलिए उन्होंने उनके सिर और चेहरे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। सीमा दास और खोकन दास के तीन बच्चे हैं। बच्चों में से एक ने उन्हें बताया कि उनके पिता का बहुत खून बह गया है और शरीर को स्थिर करने के लिए कम से कम छह यूनिट खून की आवश्यकता है।

खोकोन दास पर हुआ हमला

खोकोन दास ढाका से 150 किलोमीटर दूर स्थित अपने गांव में दवा और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार चलाते थे। बुधवार को दुकान बंद करके घर लौटते समय उन पर हमला हुआ। वे किसी तरह एक तालाब में कूद गए, जिससे उनके सिर और चेहरे को लगभग अपनी चपेट में ले चुकी आग बुझ गई। इसके बाद हमलावर भाग गए। स्थानीय लोग पहले उसे पास के एक अस्पताल में ले गए, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे ढाका के एक बड़े अस्पताल में भेजने का फैसला किया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़े अत्याचार

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत बांग्लादेश में हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे लोगों और दुनिया भर के मानवाधिकार संगठनों में आक्रोश फैल रहा है। हालांकि, यूनुस के साथ काम करने वाले अधिकारी अल्पसंख्यकों की रक्षा करने का दावा करते हैं, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही कहते हैं।

ये भी पढ़ें: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा