अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में छात्र पिछले कुछ दिनों से फिलस्तीन के समर्थन में आंदोलन कर रहे हैं। यह खबर अब तेज़ी से दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। न्यूयॉर्क पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को बड़ी तादाद में गिरफ़्तार किया है। न्यूयॉर्क पुलिस के बीती रात प्रोटेस्ट में शामिल 282 छात्रों को गिरफ्तार किए जाने के बाद ज्यूइश वॉइस फॉर पीस नाम के एक स्थानीय संगठन ने पुलिस की जमकर आलोचना की है।
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर का कहना है कि हिंसा की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस को बुलाया गया था। कोलंबिया यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष मिनोचे शफीक ने कहा कि पिछली रात कैंपस में हुई घटनाओं ने हमारे पास कोई विकल्प नहीं छोड़ा था।
हम इस आर्टिकल में जानेंगे कि आखिर क्यों अमेरिका के विश्वविद्यालयों में यह प्रदर्शन हो रहे हैं?
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में क्या हो रहा है?
इजरायल के गाजा पर हो रहे लगातार हमलों के खिलाफ कोलंबिया यूनिवर्सिटी के छात्रों का यह आंदोलन शुरू हुआ था। इन हमलों में अब तक 33 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के बाद अमेरिका के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में हड़तालें और विरोध प्रदर्शन शुरू हुए।
मंगलवार की रात न्यूयॉर्क पुलिस के कई जवान कोलंबिया विश्वविद्यालय के कैंपस में घुस गए और 280 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह छात्र यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन हैमिल्टन हॉल पर जमा थे। पुलिस ने सिटी कॉलेज ऑफ़ न्यूयॉर्क (CUNY) में छात्र प्रदर्शनकारियों को भी अलग से गिरफ्तार किया।
क्या चाहते हैं छात्र?
कोलंबिया यूनिवर्सिटी के छात्र चाहते हैं कि इजरायल गाजा पर बमबारी बंद करे और इस युद्ध का अंत हो। वह मांग कर रहे हैं के अमेरिका के विश्वविद्यालय और वह कंपनियां जो इजरायल से वित्तीय या किसी तरह का अलग संबंध रखते हैं उसे खत्म किया जाए। इन छात्रों का यह प्रदर्शन 17 अप्रैल को से शुरू हुआ था जब कोलंबिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने गाजा पर हो रहे हमलों के खिलाफ एक भीड़ जमा की थी और अब यह प्रदर्शन पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
हैमिल्टन हॉल पर इस तरह की भीड़ वियतनाम युद्ध के वक्त दिखाई दी थी जब छात्रों ने मांग की थी कि कोलंबिया रंगभेदी दक्षिण अफ्रीका में वित्तीय हितों वाली कंपनियों से अलग हो जाए।
