रूस के राष्ट्रपति चुनाव में व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर बाजी मारी है। वह लगातार 5वीं बार रूस के राष्ट्रपति बने हैं। रूस में 15 से 17 मार्च तक राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हुआ था। इसमें पुतिन को 88 फीसदी वोट मिले हैं। न्यूज़ एजेंसी रायटर्स के अनुसार पोलस्टर पब्लिक ओपिनियन फाउंडेशन (FOAM) के एक एग्जिट पोल के मुताबिक, पुतिन ने 87.8% वोट हासिल किए हैं। यह रूस के सोवियत इतिहास के बाद का सबसे बड़ा परिणाम है।
तोड़ा ये रिकॉर्ड
रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग के मुताबिक पुतिन ने लगभग 60 प्रतिशत क्षेत्रों में वोटों की गिनती के बाद 87.98 प्रतिशत वोट हासिल किए हैं। एक एग्जिट पोल के अनुसार, पुतिन को 87.8% वोट हासिल होने की उम्मीद है, जो सोवियत इतिहास के बाद रूस में किसी नेता को मिलने वाला सबसे बड़ा परिणाम है। व्लादिमीर पुतिन जोसेफ स्टालिन से आगे निकल गए हैं और 200 वर्षों से अधिक के रूस के इतिहास में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेता बन जाएंगे।
व्लादिमीर पुतिन रूस की खुफिया एजेंसी केजीबी लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। पुतिन पहली बार 1999 में सत्ता में आए थे। उनका जन्म 7 अक्टूबर 1952 को उस समय USSR के लेनिनग्राद में हुआ था। पुतिन 1999 और 2008-2012 तक रूस के प्रधानमंत्री भी रहे हैं। पुतिन ने सिर्फ 12 साल की उम्र में ही सांबो और जूडो की प्रैक्टिस शुरू कर दी थी।
पुतिन ने अपने जीवन के 15 अहम वर्ष KGB में फॉरेन इंटेलिजेंस ऑफिसर के रूप में बिताए। 1990 में वह केजीबी की सेवाओं से रिटायर हुए। उस समय पुतिन लेफ्टिनेंट कर्नल थे और रिटायर होकर रूस लौट गए। रूस लौटने के बाद पुतिन लेनिनग्राद स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोरेक्टर बन गए और उन्हें इंस्टीट्यूशन के इंटरनल रिलेशन्स की जिम्मेदारी मिली।
