वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने 3 जनवरी को अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैन्य कर्मियों और नागरिकों को श्रद्धांजलि दी और पूरे देश में सात दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की।
टेलिसर मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डेल्सी ने मंगलवार को जोस फेलिक्स रिबास सोशलिस्ट कम्यून के दौरे पर थी। यहां उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि वेनेजुएला का उत्पीड़न बंद करो।
अमेरिकी प्रशासन को लिया आड़े हाथ
दौरे के दौरान उन्होंने कहा अमेरिकी प्रशासन को आड़े हाथ लेते हुए कहा, “वेनेजुएला का उत्पीड़न बंद करो, बोलिवर के लोगों के विरुद्ध आक्रमण बंद करो।” आगे उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पद की शपथ “दुख के साथ, लेकिन सम्मान के साथ भी ली थी, उस सम्मान के साथ जो वेनेज़ुएला नागरिक होने से, और वेनेजुएला के हितों का प्रतिनिधित्व करने से आता है।”
वेनेजुएला में आमने-सामने रूस और अमेरिका
‘…तब तक मैं चैन से नहीं बैठूंगी’
डेल्सी रोड्रिगेज ने आगे कहा, “मैंने कसम खाई है कि जब तक हमारा देश शांति के रास्ते पर नहीं आ जाता, तब तक मैं चैन से नहीं बैठूंगी।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि “यहाँ संवैधानिक सरकार है” और “यहाँ की जनता राज करती है।”
जानकारी दे दें कि अमेरिका के इस सैन्य हमले में कम से कम 80 सुरक्षाकर्मियों और आम लोगों के मारे जाने की खबर है, इनमें से 32 लोग क्यूबा के सुरक्षाकर्मी थे।
अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस से बड़ा आरोप हटाया
अमेरिकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक अमेरिकी न्याय विभाग ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ एक बड़े आरोप को हटा दिया गया है कि अमेरिकी न्याय विभाग ने पहले निकोलस मादुरो को “कार्टेल डे लॉस सोल्स” नाम के आपराधिक संगठन का नेतृत्वकर्ता बताया था और अब इस दावे को उन्होंने हटा दिया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने सोमवार को अपने एक रिपोर्ट में लिखा, “न्याय विभाग ने वेनेजुएला के कार्टेल डी लॉस सोल्स के अस्तित्व में होने के दावा वापस ले लिया है।” आगे कहा कि ट्रम्प प्रशासन ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर एक काल्पनिक संगठन का नेतृत्व करने का आरोप लगाने के लिए आर्मी में मादक पदार्थों के भ्रष्टाचार के लिए इस्तेमाल होने वाले एक बोलचाल के शब्द का इस्तेमाल किया।
डोनाल्ड ट्रंप की वेनेजुएला पर कार्रवाई के बाद परेशान नाटो देश
ट्रंप प्रशासन ने लगाए थे आरोप
बता दें कि 2020 में न्यूयॉर्क में ट्रंप प्रशासन के ग्रैंड जूरी ने निकोलस मादुरो पर कार्टेल डी लॉस सोल्स का नेतृत्व करने का आरोप लगाया। जुलाई 2025 में वित्त विभाग ने इस दावे को दोहराया और कार्टेल डी लॉस सोल्स को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया और कुछ महीनों बाद विदेश मंत्री मार्को रुबियो के निर्देश पर विदेश विभाग ने भी यह दावा किया था।
हालांकि, अपडेटेड आरोप में निकोलस मादुरो के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी की साजिश के आरोपों को बरकरार रखा है, लेकिन अब कार्टेल डी लॉस सोल्स को एक आपराधिक संगठन के रूप में पेश नहीं किया है। इसके बजाय, दस्तावेज में कहा कि ‘कार्टेल डे लॉस सोल्स’ शब्द मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी संरक्षण प्रणाली और भ्रष्टाचार की संस्कृति को बताता है।
2026 के अभियोग में कार्टेल डे लॉस सोल्स का जिक्र काफी कम कर दिया गया है, जबकि 2020 के अभियोग में इसका 32 बार जिक्र किया गया था और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को इसका नेता बताया गया था।
