वेनेजुएला में संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन्य हस्तक्षेप के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ने मेक्सिको को भी धमकियां दीं। हालांकि, इन धमकियों के बावजूद मेक्सिकन सरकार ने मैक्सिकन ड्रग कार्टेल के खिलाफ एकतरफा अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि मेक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाम का प्रशासन वाशिंगटन की मांगों का पालन कर रहा है और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध महत्वपूर्ण हैं।
मेक्सिकन राष्ट्रपति शेनबाम ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना पर कहा, “मुझे इसमें कोई जोखिम नहीं दिखता। अमेरिका सरकार के साथ समन्वय और सहयोग है।” उन्होंने कहा, “मुझे आक्रमण की संभावना पर विश्वास नहीं है, मुझे तो यह भी विश्वास नहीं है कि वे इसे गंभीरता से ले रहे हैं। विदेशी सैन्य हस्तक्षेप से संगठित अपराध का समाधान नहीं होता।”
ट्रंप के साथ रिश्ता आपसी सम्मान पर आधारित- मेक्सिको की राष्ट्रपति
शेनबाम ने पुष्टि की है कि ट्रंप के साथ उनकी बातचीत में मेक्सिको में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप का विचार बार-बार उठाया गया है लेकिन उन्होंने हमेशा इस प्रस्ताव को अस्वीकार किया है। वह इसे एक असंभव प्रस्ताव मानती हैं और जोर देकर कहती हैं कि ट्रंप के साथ उनका रिश्ता आपसी सम्मान पर आधारित है।
पढ़ें- अमेरिका की कार्रवाई के बाद वेनेजुएला की अंतरिम सरकार का पहला बयान
मेक्सिको अमेरिका की हर मांग को पूरा कर रहा
इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप द्वारा टैरिफ लागू करने के बाद से मेक्सिको अमेरिका की लगभग हर मांग को पूरा कर रहा है। क्लाउडिया शेनबाम के प्रशासन ने अपने पूर्ववर्ती की तुलना में ड्रग कार्टेल के प्रति अधिक आक्रामक रुख अपनाया है। गिरफ्तारियों, ड्रग्स की ज़ब्ती और प्रत्यर्पण में भी वृद्धि हुई है। मेक्सिको ने अन्य देशों से अधिक लोगों को निर्वासित करने पर सहमति जताई है।
मेक्सिको के आर्थिक अनुसंधान और शिक्षण केंद्र (CIDE) के राजनीतिक विश्लेषक कार्लोस पेरेज़ रिकार्ट के मुताबिक, मेक्सिको में हस्तक्षेप या सैन्य कार्रवाई से यह सहयोग रुक जाएगा। उनके अनुसार, इससे अमेरिका को बड़ा खतरा होगा क्योंकि उसके पास सहयोग करने के लिए कोई साझेदार नहीं बचेगा। विश्लेषकों का मानना है कि धमकियां देना ट्रंप प्रशासन की बातचीत की शैली बनी रहेगी, खासकर इस साल जब अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा मुक्त व्यापार समझौते (USMCA) में संशोधन होना है।
मेक्सिको पर दबाव बढ़ा सकते हैं ट्रंप
मेक्सिको के सुरक्षा विश्लेषक डेविड सॉसेडो ने कहा कि ट्रंप अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए अधिक पहुंच की मांग कर सकते हैं, भले ही सार्वजनिक रूप से यह दिखाया जाए कि अभियान मेक्सिको द्वारा संचालित किए गए हैं। वे मेक्सिको पर अधिक हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियों के लिए दबाव डाल सकते हैं या क्यूबा को तेल निर्यात बंद करने के लिए कह सकते हैं या नए टैरिफ लगाने की धमकी दे सकते हैं।
अमेरिका में मेक्सिको के एक अन्य पूर्व राजदूत आर्टुरो ने कहा, “दंडात्मक टैरिफ पर चल रही बातचीत, यूएसएमसीए के वैधानिक संशोधन और नाजुक नशीली दवाओं के खिलाफ सहयोग एजेंडा के साथ, मेक्सिकन सरकार को अपनी स्थिति और बयानों में बहुत सावधानी बरतनी होगी।”
पढ़ें- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया क्या होगा वेनेजुएला का भविष्य
