मलेशिया में कुख्यात इस्लामिक स्टेट समूह के तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है, जो स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बातू गुफा में स्थित प्रसिद्ध हिंदू मंदिर, मनोरंजन प्रतिष्ठानों और थानों पर कथित तौर पर हमला करने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने बुधवार को बताया कि उन्हें सेलान्गोर और पहांग से 27 और 29 अगस्त के बीच विशेष आतंकवाद निरोधक शाखा ने गिरफ्तार किया है। पुलिस महानिरीक्षक खालिद अबु बकर ने कहा कि तीन व्यक्ति मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कथित तौर पर एक हिंदू मंदिर, एक मनोरंजन केंद्र और एक थाने पर हमला करने की साजिश रच रहे थे।
बातू गुफा में प्रसिद्ध हिंदू मंदिर और भगवान मुरुगन को समर्पित एक तीर्थस्थल है। खालिद ने एक बयान में बताया कि 20 वर्षीय पहले संदिग्ध को 27 अगस्त को सेलांगोर से हिरासत में लिया गया। उसके पास 75 ग्रेनेड और एक पिस्तौल और 9 एएम की गोलियां थीं। दो अन्य संदिग्धों को 29 अगस्त को हिरासत में लिया गया, जिनकी उम्र 27 और 20 साल है।
वे हमला करने के बाद सीरिया जाने की योजना बना रहे थे। खालिद ने कहा कि तीनों संदिग्ध इस्लामिक स्टेट के आतंकी मोहम्मद वांदी मोहम्मद जेदी से आदेश प्राप्त कर रहे थे, जो एक मलेशियाई है और सीरिया में इस्लामिक स्टेट के साथ लड़ने के लिए जाना जाता है और उसे ही उस शख्स के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने जून में कुआलालंपुर के बाहरी हिस्से में एक बार पर ग्रेनेड हमले का आदेश दिया था। यह हमला इस्लामिक स्टेट द्वारा मलेशिया में किया गया पहला सफल हमला था।

