सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जल्द ही एक बेहद स्पेशल कैफे की शुरुआत होने वाली है। सुप्रीम कोर्ट परिसर में शुरू होने जा रहे इस कैफे का मैनेजमेंट विशेष जरूरतों वाले लोग संभालेंगे। कहा जा रहा है कि इस स्पेशल मिट्टी कैफे के लिए सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) ने करीब 13 लाख रुपये का एक टेंडर क्लियर कर दिया है। ये कैफे बेंगलुरु बेस्ड एक NGO द्वारा चलाई जा रही एक चेन का हिस्सा है, जो विशेष जरूरतों वाले लोगों को ही रोजगार देती है। फिलहाल मिट्टी कैफे देशभर में 26 जगहों पर चलाए जा रहे हैं।

क्या है मिट्टी कैफे?

मिट्टी कैफे एक नॉन प्रॉफिटेबल संस्था है, जो विशेष आवश्यकता वाले लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के लिए काम करता है। mitticafe.org पर दी गई जानकारी के अनुसार, यह NGO शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक विकलांगता वाले वयस्कों और अन्य कमजोर समुदायों के व्यक्तियों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता और सम्मान की दिशा में काम कर रहा है। इसका अलावा यह संगठन दिव्यांग अधिकारों के बारे में जागरूकता पैदा करने पर भी काम कर रहा है।

ये हैं मिट्टी कैफे की अन्य पहल

  1. यह संस्था विभिन्न जगहों पर कैफे चलाता हैं, जिसके जरिए रोजगार पैदा होता है। कैफे में हर सर्विस के साथ दिव्यागों के लिए जागरूकता पैदा करने का भी काम किया जाता है।
  2. यह संगठन गिफ्टिंग सॉल्यूशन पर भी काम करता है। ये गिफ्ट्स इनकी स्पेशल टीम द्वारा तैयार और चुने जाते हैं।
  3. मिट्टी कैफे विकलांग लोगों के अधिकारों और जरूरतों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए सेमिनार आदि भी आयोजित करता है।
  4. इसके अलावा यह NGO गरीबों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाता है। जिन्हें कभी जरूरतमंद समझा जाता था, उनके जरिए लोगों की मदद की जाती है।