सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने इस्लामाबाद पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिंह के दौरे में भारत और पाकिस्तान के रिश्तों की तल्खी उभरकर सामने आ गई। गुरुवार को गृहमंत्रियों की बैठक के दौरान यह खटास कई बार नजर आई। पाकिस्तानी गृहमंत्री चौधरी निसार की मेजबानी में एक लंच कार्यक्रम रखा गया था। चौधरी निसार खुद इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इसके बाद, राजनाथ सिंह ने भी इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया।
इससे पहले, बैठक में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा। राजनाथ ने कहा कि किसी आतंकी को शहीद का दर्जा देकर महिमामंडित नहीं किया जाए। राजनाथ ने इस बात पर भी जोर दिया कि न केवल आतंकवादियों बल्कि उनका समर्थन करने वाले संगठनों और देशों पर भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। दरअसल, राजनाथ का इशारा सीधे तौर पर पाकिस्तान की ओर ही था। पाकिस्तान ने हिजबुल आतंकी बुरहान वानी को शहीद बताकर काला दिवस मनाने का फैसला किया था। राजनाथ के इस बयान को किसी भी पाकिस्तान मीडिया में नहीं दिखाया गया। यहां तक कि हिंदुस्तानी चैनलों को भी कार्यक्रम का टेलिकास्ट करने की इजाजत नहीं दी गई। राजनाथ जब इस कार्यक्रम में शरीक होने पहुंचे तो भी दोनों देशों के गृहमंत्रियों के बीच गर्मजोशी नहीं दिखी। औपचारिक हैंडशेक की जगह राजनाथ और निसार ने बस एक दूसरे का हाथ भर छुआ। इसके बाद, राजनाथ आगे बढ़ गए।
At SAARC conference lunch Pakistan HM Chaudhary Nisar who was the host did not attend.HM Rajnath Singh also did not attend the lunch
— ANI (@ANI_news) August 4, 2016
बता दें कि राजनाथ के पाकिस्तान दौरे पर जाने से पहले ही वहां विरोध शुरू हो गया। विरोध करने वालों में जमात उद दावा चीफ और मुंबई पर हुए आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद भी था। वहीं, पठानकोट पर हुए आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड सैयद सलाउद्दीन ने भी राजनाथ के दौरे के विरोध में रैली निकाली थी।
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