पाकिस्तान पर निशाना साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 2016 में नियंत्रण रेखा के पार अंजाम दिए गए सर्जिकल हमलों का जिक्र किया।
लंदन के स्थानीय सेंट्रल हॉल वेस्टमिंस्टर में ‘भारत की बात, सबके साथ’ कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि जब किसी ने आतंक के निर्यात की फैक्टरी लगा ली हो और हम पर पीछे से हमले की कोशिशें करता हो तो मोदी उसी भाषा में जवाब देना जानता है।’ दर्शक दीर्घा में बैठे एक शख्स ने जब सर्जिकल हमलों पर सवाल किया तो मोदी ने कहा, ‘जिन्हें आतंक का निर्यात पसंद है, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि भारत बदल गया है। उनके पुराने तौर-तरीके बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।’ ‘हम शांति में यकीन रखते हैं। पर हम आतंक का निर्यात करने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम उन्हें करारा जवाब देंगे और उसी भाषा में देंगे जिसे वे समझते हैं।’

एक लाख अरब पाउंड के मुक्त व्यापार करार पर सहमति

लंदन की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरेजा मे के साथ बुधवार को मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि भारत के लिए ब्रिटेन ब्रेग्जिट के बाद भी महत्त्वपूर्ण बना रहेगा। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में एक लाख अरब पाउंड के मुक्त व्यापार करार पर सहमति बनी। इसके अलावा कई अन्य संधियों को अंतिम रूप देने पर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता शुरू हुई है। इनमें अवैध अप्रवासियों को वापस भेजने, स्वास्थ्य और रक्षा तकनीक के हस्तांतरण के करार शामिल हैं। इस मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रेग्जिट के बाद भारत के लिए इंग्लैंड के महत्व में कोई कमी नहीं आएगी। वैश्विक बाजार में अपनी पहुंच के लिए सिटी ऑफ लंदन का अपना महत्व रहा है। वह लगातार बना रहेगा।’ प्रधानमंत्री मोदी इस हफ्ते होने वाली राष्ट्रमंडल प्रमुखों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए लंदन पहुंचे हुए हैं। बुधवार को उन्होंने वहां की प्रधानमंत्री के अलावा, राजकुमार चार्ल्स, इंग्लैंड की महारानी समेत अन्य गणमान्य लोगों से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने टेरेजा मे के साथ द्विपक्षीय बैठक में कहा कि ब्रेग्जिट के बाद की स्थितियों ने भारत और ब्रिटेन को आपसी व्यापार बढ़ाने का एक अवसर दिया है।

ब्रिटेन को 2019 के मार्च में यूरोपीय संघ से अलग होना है लेकिन वह इस शर्तों के साथ इसे लागू करने के लिए 2021 के जनवरी तक की बात कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के मुताबिक, दोनों के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई। इनमें ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलने के बाद द्विपक्षीय समझौतों में नई ऊर्जा डालने का मुद्दा प्रमुख रहा। दोनों के बीच बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ आंतकवाद से निपटने, अतिवाद और ऑनलाइन उग्रवाद के विषय में सार्थक विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट से जारी बयान में कहा गया है कि सीरिया हवाई हमले, आतंकवाद का मुकाबला, अतिवाद और ऑनलाइन उग्रवाद उन कुछ अहम मुद्दों में शामिल हैं, जिन पर दोनों के बीच बातचीत हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेम्स नदी के तट पर स्थित अल्बर्ट एमबैंकमेंट गार्डंस में 12 वीं सदी के लिंगायत दार्शनिक और समाज सुधारक बसवेश्वर की आवक्ष प्रतिमा पर बुधवार को पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर इस कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान बसवेश्वर के आदर्श दुनियाभर के लोगों को प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम का आयोजन द बसवेश्वर फाउंडेशन ने किया था। यह ब्रिटेन का गैर सरकारी संगठन है। भारतीय दार्शनिक और समाज सुधारक बसवेश्वर द्वारा लोकतांत्रिक विचारों, सामाजिक न्याय और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए उनकी प्रतिमा स्थापित की गई थी। बसवेश्वर (1134-1168) भारतीय दार्शनिक, समाज सुधारक और राजनेता थे जिन्होंने जाति विहीन समाज बनाने का प्रयास किया और जाति तथा धार्मिक भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ी। भारतीय संसद में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान उनकी प्रतिमा लगाई गई थी।