पाकिस्तान ने गुरुवार (13 जुलाई) को कहा कि वह जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा मृत्युदंड की सजा पाए कुलभूषण जाधव की मां को वीजा देने के भारत के अनुरोध पर विचार कर रहा है। पाकिस्तानी समाचार-पत्र ‘नेशन डेली’ के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने हालांकि भारत में उपचार के लिए वीजा चाहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा प्रदान करने पर सख्त पाबंदी लगाए जाने पर अफसोस भी जाहिर किया।
भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को शिकायती लहजे में कहा था कि पाकिस्तान जाधव की मां को वीजा नहीं दे रहा। सुषमा ने कहा था कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज को जाधव की मां अवंतिका जाधव को वीजा दिए जाने के बारे में लिखा है। जाधव की मां पाकिस्तान के किसी अज्ञात जेल में बंद अपने बेटे से मिलना चाहती हैं।
सुषमा का यह बयान पाकिस्तान की उन मीडिया रिपोर्टों के बीच आया, जिनमें कहा गया है कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग ने 25 वर्षीया पाकिस्तानी युवती के मेडिकल वीजा का आवेदन खारिज कर दिया, जो ट्यूमर के इलाज के लिए भारत जाना चाहती थी।
सुषमा ने जोर देकर कहा कि भारत में इलाज के लिए मेडिकल वीजा चाहने वाले सभी पाकिस्तानी नागरिकों के लिए पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज की अनुशंसा जरूरी है। लेकिन, चौंकाने वाली बात यह है कि अजीज ही इसमें हिचकिचा रहे हैं।
पाकिस्तानी युवती फैजा तनवीर ने सुषमा स्वराज से मामले में हस्तक्षेप करने और अपनी ‘जिंदगी बचाने’ के लिए मदद करने की गुहार लगाई थी। सुषमा ने कहा कि भारतीय प्रशासन पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा देना जारी रखेगा, पर इसके लिए अजीज की अनुशंसा चाहिए होगी।
पाकिस्तान का दावा है कि उसने जाधव को मार्च, 2016 में बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया। साथ ही पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि जाधव पाकिस्तान में जासूसी और आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त था। पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने इसी वर्ष अप्रैल में जाधव को मौत की सजा सुनाई थी।

