पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पत्रकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि हाल ही में कुछ बड़े लोगों की हत्या के मामलों की जांच की मांग करने वाले उनके एक ट्वीट के लिए उन्हें ट्विटर की ओर से नोटिस मिला है। ट्विटर ने इसे स्थानीय कानूनों का उल्लंघन करार दिया है। ”डॉन” समाचार चैनल के पत्रकार मुबशिर जैदी ने एक ट्वीट कर खैबर पख्तूनख्वा में एक पुलिस अधिकारी ताहिर दावर और मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) नेता अली रजा आबिदी की हत्या के मामलों की जांच की मांग की थी। जैदी ने ट्वीट में लिखा था, ‘‘ताहिर दावर मामले की जांच का क्या हुआ? अली रजा आबिदी की हत्या की गुत्थी भी और कई मामलों की तरह अनसुलझी रहेगी।” दरअसल आबिदी की 25 दिसंबर को कराची में उनके घर के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस अधीक्षक दावर का 26 अक्टूबर को इस्लामाबाद से अपहरण कर लिया गया था और एक महीने बाद अफगानिस्तान से उनका शव मिला था।

ट्विटर ने कहा कि उनका ट्वीट पाकिस्तान के कानून का उल्लघंन है। हालांकि उसने शिकायतकर्ता की पहचान उजागर नहीं की। जैदी ने ट्वीट किया ‘‘मुझे ट्विटर से एक ईमेल मिला है जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान से मेरे खिलाफ मिली शिकायत के अनुसार, मेरा ट्वीट पाकिस्तान के कानून का उल्लंघन है। इस बारे में मुझे कोई अनुमान नहीं है कि शिकायतकर्ता कौन है और यह पाकिस्तानी कानून का उल्लंघन कैसे है।’’

हालाँकि ट्विटर ने इस बात का खुलासा कर दिया है की नोटिस कानूनी तौर पर वैध है लेकिन फ़िलहाल इस बात का पता नहीं चल पाया है कि शिकायतकर्ता कौन है। जैदी ने कहा कि वह उनके खिलाफ की गई शिकायत और ट्विटर की प्रतिक्रिया को लेकर चकित हैं। बता दें कि जैदी के खिलाफ यह शिकायत ऐसे समय में आयी है जब कि पाकिस्तान में मीडिया सेंसरशिप ज़ोर पकड़ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नवनिर्वाचित सरकार के आने के बाद से पाकिस्तान की प्रेस को सेंसरशिप का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आर्थिक तंगी की आढ़ में पाकिस्तानी मीडिया को दी जाने वाली सरकारी मदद पर रोक लगा दी गई है साथ ही प्रांतीय सरकारों की ओर सरकारी विज्ञापनों की संख्या में भी कमी कर दी गई है। जिसके चलते वहाँ के न्यूज़ चैनलों के बंद होने की नौबत आ गई है। (भाषा इनपुट्स के साथ)