वेनेजुएला में अमेरिका की कार्रवाई के बाद यूरोपीय नेताओं ने ग्रीनलैंड के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने एक साझा बयान जारी करते हुए कहा कि यह देश वहां के लोगों का है, साथ ही यह भी कहा कि यह फैसला डेनमार्क और ग्रीनलैंड ही इस मामले पर निर्णय ले सकते हैं।

मंगलवार को फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन, ब्रिटेन और डेनमार्क ने एक साझा बयान जारी किया।

लेनी चाहिए नाटो सहयोगियों की मदद

संयुक्त बयान में नाटो सहयोगी नेताओं ने कहा कि आर्कटिक द्वीप सुरक्षा नाटो सहयोगियों की मदद से सामूहिक रूप से हासिल की जानी चाहिए। बयान में आगे कहा गया, “ये सार्वभौमिक सिद्धांत हैं और हम इनका बचाव करना बंद नहीं करेंगे।”

ट्रंप ने इंटरव्यू में क्या कहा था?

अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में द अटलांटिक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में कहा था, “हमें ग्रीनलैंड की बेहद जरूरत है और हमें यह डिफेंस के लिए चाहिए।” इस बयान से डेनमार्क के क्षेत्र पर कब्जा करने में ट्रंप प्रशासन की दोबारा दिखाई गई दिलचस्पी ने यूरोपीय देशों के बीच खतरे की घंटी बजा दी। इसके बाद अब यूरोप के नेताओं ने यह बयान जारी किया।

आर्कटिक क्षेत्र की रक्षा प्राथमिकता- यूरोप के नेता

यूरोप के नेताओं ने आगे कहा, नाटो ने अपना रुख स्पष्ट किया है कि आर्कटिक क्षेत्र की रक्षा उनकी प्राथमिकता है और यूरोपीय सहयोगी इस मुद्दे पर शामिल रहेंगे। हमने और कई अन्य सहयोगियों ने आर्कटिक को सुरक्षित रखने और दुश्मनों को रोकने के लिए अपनी मौजूदगी, गतिविधियों और निवेश पर ध्यान दिया है।

वेनेजुएला में शनिवार को अमेरिकी सेना के ऑपरेशन और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के पकड़े जाने पर नाटो सहयोगी चिंतित हो गए हैं कि अमेरिका ग्रीनलैंड के साथ भी यही कर सकता है।

ग्रीनलैंड नहीं है नाटो का हिस्सा

बता दें कि ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा आईलैंड है, जहां 57 हजार लोग रहते हैं। हालांकि ग्रीनलैंड सीधे तौर पर नाटो का सहयोगी नहीं है, लेकिन डेनमार्क के कारण इस क्षेत्र को भी पश्चिमी सेनाओं (नाटो) की सुरक्षा हासिल है।

इसी बीच ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने सोमवार को दिए अपने बयान में कहा था कि उनका प्रशासन अमेरिका के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। लेकिन ग्रीनलैंड के लोगों को अमेरिका के कब्जे से डरने की जरूरत नहीं है।

यह भी पढ़ें: ‘वेनेजुएला की सरकार 50 मिलियन बैरल तेल सौंपेगी’, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया दावा