प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘टाइम पर्सन ऑफ दि ईयर’ सर्वेक्षण में जीतने की संभावना प्रबल है क्योंकि कल मध्यरात्रि को सर्वेक्षण के खत्म होने के साथ मोदी 16.2 प्रतिशत वोट के साथ दूसरे स्थान पर चल रहे फर्गुसन के विरोध प्रदर्शनकारियों को मिले 9.2 प्रतिशत वोट से काफी आगे थे।
हालांकि टाइम पत्रिका के संपादक ‘पर्सन ऑफ दि ईयर’ का चयन करेंगे, पाठकों के सर्वेक्षण के विजेता की घोषणा आठ दिसंबर को की जाएगी।
टाइम पत्रिका 1927 के बाद से उस व्यक्तित्व को ‘पर्सन ऑफ दि ईयर’ चुनती आयी है जिसने साल भर में ‘बेहतरी या बदतरी के लिए’ ‘खबरों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया।’
एक दूसरे ‘फेस-ऑफ’ सर्वेक्षण में मोदी को इंडोनेशिया के नए राष्ट्रपति जोको विडोडो को सामने रखा गया है। इस सर्वेक्षण में भी मोदी ने विडोडो को मिले 31 प्रतिशत वोटों की तुलना में 69 प्रतिशत वोट पाए।
वहीं पाठकों के सर्वेक्षण में मोदी और फगुर्सन विरोध प्रदर्शनकारियों के बाद हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों का चेहरा बने 18 वर्षीय छात्र कार्यकर्ता जोशुआ वोंग तीसरे स्थान पर थे जबकि इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाली पाकिस्तान की किशोर सामाजिक कार्यकर्ता मलाला युसूफजई 4.9 प्रतिशत वोट के साथ चौथे स्थान पर थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा शीर्ष दस में भी नहीं हैं और 2.2 प्रतिशत वोट पाकर 11वें स्थान पर हैं।
पिछले हफ्ते फर्गुसन के प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए मोदी को पीछे छोड़ दिया था लेकिन मोदी दोबारा पहले पायदान पर आ गए। मोदी के साथ सर्वेक्षण में दुनिया भर के 50 नेता, उद्योगपति एवं संगीत कलाकार शामिल हैं।
दूसरे प्रमुख दावेदारों में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, चीनी उद्योगपति जैक मा, आईएसआईएस प्रमुख अबू बकर अल बगदादी, ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस, गायिका बेयोंस नोल्स, हॉलीवुड अभिनेत्री जेनिफर लॉरेंस शामिल हैं।
