जर्मनी के म्‍यूनिख शहर में शॉपिंग मॉल में गोलीबारी करने वाले हमलावर को मार गिराया गया है। हमलावर की पहचान हो गर्इ है। म्‍यूनिख पुलिस चीफ ह्यूबर्टस एंड्रई ने बताया कि संदिग्‍ध 18 साल का जर्मन-ईरानी था। वह म्‍यूनिख में रहता था। उसका आतंकी संगठनों से लिंक का कोई पूर्व रिकॉर्ड नहीं है। उन्‍होंने बताया कि घटना के पीछे क्‍या वजह थी, इसका पता नहीं चल पाया है। संदिग्‍ध हमलावर का शव घटनास्‍थल से आधा मील दूर मिला। चश्‍मदीदों के बयानों और हमले के वीडियो के जरिए हमलावर के शव की पुष्टि की गई। पुलिस का कहना है कि गोलीबारी में वह अकेला ही शामिल था। संदिग्‍ध के पास जर्मनी और ईरान दोनों देशों की नागरिकता थी।

म्‍यूनिख गोलीबारी में हमलावर समेत 10 लोगों की मौत हुई है। जबकि 16 अन्‍य घायल हो गए। हमले के चश्‍मदीदों ने बताया कि हमलावर ने बच्‍चों को निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार लोगों ने बताया कि तीन हमलावर थे लेकिन बाद में सामने आया कि हमलावरों की संख्‍या एक ही थी। यूरोप में पिछले आठ दिनों में हिंसा की यह तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले फ्रांस के नीस शहर में ट्रक चालक ने नेशनल डे का जश्‍न मना रहे लोगों को कुचल दिया था। पहीं बावारिया में ट्रेन में एक अफगानी लड़के ने कुल्‍हाड़ी से हमला कर दिया था। इस्‍लामिक स्‍टेट ने इन हमलों की जिम्‍मेदारी ली थी।

जर्मनी के तीसरे बड़े शहर म्‍यूनिख में शुक्रवार शाम को शॉपिंग मॉल में गोलीबारी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने शहर के कई इलाकों को सील कर दिया था। साथ ही लोगों से घरों में ही रहने को कहा गया था। स्‍थानीय प्रशासन ने इमरजेंसी लागू करते हुए यातायात व्‍यवस्‍था को भी रोक दिया। चश्‍मदीदों ने बताया कि एक नौजवान मैक्‍डॉनल्‍ड्स के रेस्‍ट रूम में बंदूक लोड कर रहा था। इसके बाद उसने वहां खाना खा रहे लोगों पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। वह बच्‍चों को मार रहा था। जर्मन टीवी को एक महिला ने बताया कि वे खाना खाने बैठे ही थे। इतने में वहां के कर्मचारी बाहर भागते हुए आए। इसके बाद हमलावर गलियों में भाग गया।

स्‍काई न्‍यूज के अनुसार गोलीबारी के दौरान हमलावर ने चिल्‍लाकर कहा कि वह जर्मन है। इस दौरान हमलावर की बालकनी में खड़े एक व्‍यक्ति से बहस भी हुई। म्‍यूनिख पुलिस ने शनिवार सुबह खतरा टलने का एलान किया। इसी बीच दुनिया भर के नेताओं ने इस घटना की निंदा की है। अमेरिका के राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि जर्मनी उनका करीबी साथी है। अमेरिका इस हमले की जांच में सहयोग को तैयार है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ईश्‍वर मृतकों की आत्‍माओं को शांति दे। फ्रांस के राष्‍ट्रपति फ्रांस्‍वा ओलांद ने इस हमले को आतंकी घटना करार दिया।