Iran Latest News: अत्यधिक महँगाई के खिलाफ के ईरान में हो रहा प्रदर्शन गुरुवार रात तेज हो गया। ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने लोगों से सड़कों पर आने की अपील की। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ सड़कों पर आ गए और रैलियां निकाली। ईरानी सरकार ने इससे निपटने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबलों को उतार दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के कम से कम 50 शहरों में बड़े पैमाने पर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार ने इंटरनेट और टेलीफोन लाइनें काट दी। इस पर लोग और उग्र हो गए और खामेनेई सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे।

खास बात यह है कि इन प्रदर्शनों में रजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए जा रहे, जबकि ईरान में शाह के समर्थन में नारेबाजी करने पर मौत की सजा का प्रावधान है।

ईरान में एयर स्पेस बंद, एयर डिफेंस एक्टिव

इन प्रदर्शनों को देखते हुए खामनेई सरकार ने पूरे ईरान में हाई अलर्ट कर दिया है। ईरान ने एक नॉटेम जारी कर एयर स्पेस पर प्रतिबंध बढ़ा दिया है।

ईरान ने एयर स्पेस, विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों (पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और कुछ मध्य क्षेत्रों) को प्रतिबंधित करने वाले कई नॉटेम जारी किए हैं। ईरान के एयर स्पेस इराक, तुर्की और अज़रबैजान की सीमाओं के पास के कुछ हिस्से प्रभावी रूप से बंद किए गए हैं।

बता दें कि ऐसे नॉटेम आमतौर पर आंतरिक अशांति, सैन्य गतिविधियों या बाहरी हमलों की आशंका के दौरान किए जाते हैं।

रजा पहलवी ने किया था आह्वान

रजा पहलवी ने गुरुवार और शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे (16.30 जीएमटी) प्रदर्शनों का आह्वान किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही 8 बजे तेहरान के कई मोहल्लों में नारे गूंजने लगे। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक नारों में “तानाशाह मुर्दाबाद!” और “इस्लामी गणराज्य मुर्दाबाद!” जैसे नारे शामिल थे। वहीं कुछ लोगों ने रजा पहलवी शाह की प्रशंसा करते हुए भी नारे लगाए, “यह आखिरी लड़ाई है! पहलवी वापस लौटेगा!” ईरान से सभी टेलीफोन व्यवस्था ठप होने से पहले हजारों लोग सड़कों पर दिखे।

रजा पहलवी ने पोस्ट में कहा, “ईरानियों ने आज रात अपनी आजादी की मांग की। इसके जवाब में, ईरान की सरकार ने संचार के सभी माध्यम काट दिए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने (ईरान सरकार) इंटरनेट बंद कर दिया है। उन्होंने लैंडलाइन भी काट दी हैं। वे सैटेलाइट सिगनल को जाम करने की कोशिश कर सकते हैं।”

उन्होंने यूरोपीय नेताओं और अमेरिकी राष्ट्रपति को साथ मिलकर “शासन को जवाबदेह ठहराने” का वादा करने का आह्वान किया।

उन्होंने आगे कहा, “मैं उनसे आग्रह करता हूं कि वे ईरानी जनता से संपर्क बहाल करने के लिए उपलब्ध सभी तकनीकी, वित्तीय और राजनयिक संसाधनों का उपयोग करें ताकि उनकी आवाज और उनकी इच्छा सुनी और देखी जा सके। मेरे साहसी देशवासियों की आवाज को खामोश न होने दें।”

अब तक 42 लोगों की जा चुकी है जान

एपी की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रदर्शन ईरान के शहरों और कस्बों में हो रहे हैं, जहां बाजार और दुकानें बंद भी हैं। अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी के अनुसार ईरान में हुई हिंसा में अब तक कम से कम 42 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 2270 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं।

इन विरोध प्रदर्शनों के बढ़ने से ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ दबाव बढ़ता दिखा है।

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