अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अगवा हुई भारतीय मूल की समाज सेविका जूडिथ डिसूजा को बचा लिया गया है। इस बात की जानकारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार (23 जुलाई) को ट्वीट करके दी। जूडिथ का अपहरण एक ऐसे खौफनाक संगठन ने किया था जो काबुल में विदेशी लोगों को पकड़कर उनको छोड़ने के बदले बहुत सारे पैसे मांगता था। यह संगठन अबतक करोड़ों डॉलर की कमाई कर चुका है। इस बात की जानकारी इंडियन एक्सप्रेस ने पहले भी दी थी। सुषमा स्वराज ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘मुझे यह बताते हुए काफी खुशी हो रही है कि जूडिथ डिसूजा को बचा लिया गया है। जूडिथ का अपहरण 9 जून को काबुल से हुआ था।’

जूडिथ का अपहरण काला-ए-फतेहुल्लाह इलाके के पास से हुआ था। यहां पर पहले भी ऐसी कई किडनैपिंग हो चुकी हैं। भारतीय एंबेसी जूडिथ का अपहरण होने के बाद से अफगान की सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में थी। जूडिथ 40 साल की हैं। वह कोलकाता की रहने वाली हैं। जूडिथ ‘अगा खान फाउंडेशन’ के साथ जुड़ी हुई हैं और स्त्री संबंधी मुद्दों पर काम करती हैं। अगा खान फाउंडेशन तकरीबन 750 मिलियन डॉलर जुटाकर युद्ध में बरबाद हो चुकी जगहों को फिर से बनाने का काम कर रहा है। जूडिथ को यह काम करते हुए 15 साल से ज्यादा हो गए हैं।

सुषमा स्वराज ने यह भी बताया है कि जूडिथ शनिवार की शाम तक दिल्ली पहुंच जाएंगी। जूडिथ को भारतीय एंबेसडर लेकर आएंगे। सुषमा ने ये ट्वीट किए थे-

https://twitter.com/SushmaSwaraj/status/756657643419160577

https://twitter.com/SushmaSwaraj/status/756662490445078529

https://twitter.com/SushmaSwaraj/status/756684193111810052

https://twitter.com/SushmaSwaraj/status/756694853363208192