इस्तांबुल हवाईअड्डे पर हमले को लेकर 11 रूसी नागरिकों सहित 17 लोगों पर आरोप लगाया गया है, जिससे इस आत्मघाती हमले में आरोपी बनाए गए लोगों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। दोगान समाचार एजेंसी के हवाले से मंगलवार (5 जुलाई) बताया गया कि हालिया संदिग्धों में छह तुर्की नागरिक भी शामिल हैं और इन पर ‘एक सशस्त्र आतंकवादी समूह से जुड़े होने’ का आरोप है। तुर्की ने बताया कि अतातुर्क अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 28 जून को हुई गोलीबारी और बम हमले के पीछे इस्लामिक स्टेट समूह का हाथ है। इस हमले में 19 विदेशी नागरिकों सहित 45 लोगों की मौत हो गई थी।

रविवार (3 जुलाई) को इस संबंध में 13 संदिग्धों को पहले ही आरोपी बनाया गया था। तुर्की के सबसे बड़े शहर में इस साल हुए कई हमलों में यह सबसे भीषण हमला था।
पुलिस ने रविवार (3 जुलाई) को हवाईअड्डे से आईएस के दो संदिग्धों, किर्गिस्तान के नागरिकों को हिरासत में लिया था। उनके सूटकेस से कथित तौर पर अलग अलग नामों वाले पासपोर्ट सहित रात में देखने में सक्षम चश्मे और सेना की वर्दी बरामद हुई थी। एनटीवी टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार ये व्यक्ति यूक्रेन से इस्तांबुल आए थे।

तुर्की के प्रधानमंत्री बिनाली यिलदिरिम ने सोमवार को बताया कि इस्तांबुल में मेट्रो स्टेशनों जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतातुर्क हवाईअड्डा पर विशेष बलों के सैनिक गश्त लगा रहे हैं। पिछले हफ्ते हुए हमले में 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे और 47 लोग अब भी अस्पताल में हैं। अधिकारियों ने बम हमलावरों की पहचान रूसी, उज्बेक और किर्गिज नागरिकों के तौर पर की है। सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू ने इनमें दो के नाम – रकीम बुल्गारोव और वदीम ओसमानोव बताए हैं। बहरहाल, एजेंसी ने इनकी नागरिकता नहीं बताई है।

तुर्की मीडिया ने हमले के साजिशकर्ता के तौर पर इस्तांबुल में आईएस के एक प्रकोष्ठ के चेचेन नेता अख्मद चतायेव की पहचान की है, जो कथित रूप से शहर में हुए दो अन्य भीषण हमलों का मास्टरमाइंड था। तुर्की में पिछले कुछ वर्ष से लगातार हमले हो रहे हैं और इन हमलों के लिए आईएस जिहादियों और कुर्द विद्रोहियों को जिम्मेदार बताया जाता है।