साल 2016 के नोबेल शांति पुरस्‍कार के लिए पोप फ्रांसिस, अफगानिस्‍तान की महिला साइक्लिंग टीम और इस्‍लामिक स्‍टेट की अमानवीयता झेलने वाली यजीदी लड़की नामांकित लोगों में शामिल है। नामांकन के लिए सोमवार आखिरी दिन था। पांच सदस्‍यीय नोबेल कमिटी के पास 200 से ज्‍यादा आवदेन आए। आवेदनों पर चर्चा के लिए 29 फरवरी को पहली मीटिंग होगी।

नॉर्वे की सांसद ओदुन लिसबाकेन ने यजीदी लड़की नादिया मुराद का नामांकन भेजा। नादिया पिछले साल इस्‍लामिक स्‍टेट के चंगुल से बच निकलने में कामयाब रही थी। दिसंबर में उसने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद को इस्‍लामिक स्‍टेट के अत्‍याचारों की जानकारी दी थी। उसने बताया था कि उसके सहित कई यजीदी महिलाओं व लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया। उनके साथ कई बार रेप किया जाता। नवंबर में वह भागने में सफल रही। नादिया के नामांकन के बारे में लिसबाकेन ने कहा कि, ‘हम यौन हिंसा के खिलाफ लोगों को जगाने के लिए शांति पुरस्‍कार चाहते हैं।’

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लिसबाकेन ने कांगो के सर्जन डेनिस मुक वेगे को भी नामांकित किया। मुकवेगे सिविल वार के दौरान यौन हिंसा की शिकार महिलाओं का इलाज करते हैं। नोबेल पुरस्‍कार विजेता डेसमंड टुटु ने पोप फ्रांसिस, अर्थशास्‍त्री हर्मन डेली और रोम थिंक टैंक के नाम का समर्थन किया। इटली के 118 सांसदों ने अफगान महिला साइक्लिंग टीम की उम्‍मीदवारी पेश की।

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