बगदाद में हुए आत्मघाती बम हमले में कम से कम 213 लोगों की जान चली गई। इस्लामिक स्टेट समूह ने इस हमले को अंजाम देने का दावा किया है। अधिकारियों ने बताया कि यह इराक में हुए अब तक के सर्वाधिक भीषण आतंकी हमलों में से एक था। सुरक्षा एवं चिकित्सा अधिकारियों ने सोमवार को यहां बताया कि आत्मघाती कार बम हमला भीड़ वाले एक बाजार में हुआ और इससे आसपास की इमारतों को भी नुकसान हुआ। हमले में 200 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। राजधानी के कराडा जिले के इस इलाके में पवित्र माह रमजान के समापन पर अवकाश की वजह से खरीदारी करने वाले लोगों की भीड़ थी।

इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी ने बम हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा देने का संकल्प किया है। उनके कार्यालय ने हमले में मारे गए लोगों की स्मृति में तीन दिन का शोक घोषित किया है। अबादी ने बगदाद सुरक्षा उपायों में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से बदलाव का आदेश भी दिया है। इन समस्याओं में फर्जी बमों का पता लगाने वाले उपकरणों को नष्ट करना शामिल है। यह उपकरण इराक को बेचने वाले व्यक्ति को ब्रिटेन में जालसाजी के लिए जेल की सजा होने के बरसों बाद भी जांच चौकियों में इन उपकरणों का उपयोग बड़े पैमाने पर जारी है।

इस भीषण कार बम हमले से एक सप्ताह पहले ही इराकी बलों ने आइएस पर बड़ी विजय हासिल करते हुए फलुजा शहर को अपने कब्जे में ले लिया था। फलुजा इराक में जिहादी समूह आइएस के शेष बचे गढ़ों में से एक था। फलुजा से भागने की कोशिश कर रहे जिहादी बलों पर हवाई हमले भी किए गए। अधिकारियों ने बताया कि फलुजा के लिए लड़ाई खत्म होने के बाद इराक और अमेरिका नीत गठबंधन के हवाई जहाजों ने आइएस के काफिले पर दो दिनों तक हमले कर उसके सैकड़ों वाहन नष्ट कर दिए और दर्जनों लड़ाकों को मार डाला। जून 2014 में बगदाद के उत्तर और पश्चिम से आइएस को बाहर निकाले जाने के बाद से राजधानी में बम हमलों में कमी आई क्योंकि जिहादियों ने अपना ध्यान दूसरे अभियानों पर केंद्रित किया, लेकिन अपने खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज होने के बाद उन्होंने फिर से इराकी नागरिकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।