ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन से हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं। अब तक ईरान में सुरक्षाकर्मियों समेत 2000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ईरान ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की है।
ईरानी प्रशासन ने प्रदर्शन शुरू होने के बाद पहली बार गहन दमनकारी अभियान में हुई भारी मौतों की संख्या को स्वीकार किया है। ईरान में विरोध प्रदर्शन अपने तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है।
मौतों के पीछे आंतकवादियों को बताया
ईरान के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों की मौत के पीछे “आतंकवादियों” का हाथ था। हालांकि, अधिकारी ने यह नहीं बताया कि कितने प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी मारे गए।
अमेरिका स्थित एक एक्टिविस्ट ग्रुप ने इससे पहले ही देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों लोगों की गिरफ्तारी की बात कही थी।
ईरान में क्यों शुरु हुए प्रदर्शन?
तेहरान में प्रदर्शन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में शुरू हुए यह प्रदर्शन ईरान की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण शुरू हुई, जो जल्द ही यह सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के नेतृत्व वाले सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में बदल गई।
इस्लामिक गणराज्य में यह प्रदर्शन पिछले तीन वर्षों में ईरानी प्रशासन के लिए सबसे बड़ी घरेलू चुनौती है जो पिछले साल जून से अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच उभरी है।
ईरान ने दिखाया दोहरा रुख
बता दें कि ईरान के अधिकारियों ने इन विरोध प्रदर्शनों के प्रति दोहरा रुख अपनाया है। एक ओर वे आर्थिक संकट के खिलाफ प्रदर्शनों को सही बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन पर कड़ी कार्रवाई भी कर रहे हैं। साथ ही ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका और इजराइल पर अशांति भड़काने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि आतंकवादियों ने इन प्रदर्शनों को हाईजैक कर लिया है।
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