ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग अब थमने जा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजारयल के बीच युद्ध रोकने को लेकर सहमति बननी की बात की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान और इजरायल के बीच सीजफायरल को लेकर सहमति बन गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “सभी को बधाई! इस बात पर इजरायल और ईरान के बीच पूरी तरह से सहमति बन गई है कि 12 घंटों के लिए पूर्ण और संपूर्ण युद्ध विराम होगा (अब से लगभग 6 घंटों में, जब इजरायल और ईरान अपने चल रहे अंतिम मिशनों को समाप्त कर लेंगे!), जिस बिंदु पर युद्ध को समाप्त माना जाएगा!”
इसी पोस्ट में उन्होंने आगे कहा, “आधिकारिक तौर पर, ईरान युद्ध विराम शुरू करेगा और 12वें घंटे में, इजरायल युद्ध विराम शुरू करेगा और 24वें घंटे में, 12 दिवसीय युद्ध के आधिकारिक अंत का दुनिया स्वागत करेगी। प्रत्येक युद्ध विराम के दौरान, दूसरा पक्ष शांतिपूर्ण और सम्मानजनक बना रहेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस धारणा पर कि सब कुछ वैसा ही काम करता है जैसा कि होना चाहिए, जो कि होगा, मैं दोनों देशों, इजरायल और ईरान को, सहनशक्ति, साहस और बुद्धिमत्ता रखने के लिए बधाई देना चाहता यह एक ऐसा युद्ध है जो सालों तक चल सकता था और पूरे मध्य पूर्व को नष्ट कर सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और न ही कभी होगा!”
अमेरिका ने की ईरान में बमबारी
इजरायल-ईरान के बीच में 13 जून को शुरू हुए संघर्ष के 11वें दिन रविवार उस वक्त नया मोड़ आया जब अमेरिका खुले तौर पर इसमें कूद गया। अमेरिका ने ईरान की तीन न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाया। इनमें फोर्डो, नतांज और एस्फाहान शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में तख्तापलट की पैरवी की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर पोस्ट कर लिखा, ‘शासन परिवर्तन शब्द का प्रयोग करना राजनीतिक रूप से सही नहीं है, लेकिन यदि वर्तमान ईरानी शासन ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो शासन परिवर्तन क्यों नहीं होगा??? MIGA!!!’।
अमेरिकी हमलों पर क्या बोला ईरान: ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत आमिर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक इमरजेंसी मीटिंग में कहा कि ईरान जवाब देगा। उन्होंने कहा, ‘ईरान ने युद्धोन्मादी अमेरिकी शासन को बार-बार चेतावनी दी थी कि वह इस दलदल में न फंसे।’ उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु स्थलों पर हमले करके कूटनीति को नष्ट करने का निर्णय लिया।’ राजदूत ने कहा कि ईरानी सेना ईरान की प्रतिक्रिया का समय, प्रकृति और पैमाने तय करेगी।
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ईरान पर अमेरिका के हवाई हमले के बाद अब पाकिस्तान में भी हलचल मच गई है और पाकिस्तान ने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की एक आपात बैठक सोमवार को बुलाई है।
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका ने नागरिकों के लिए एक नई सलाह जारी की है, जिसमें देश के भीतर “बढ़े हुए ख़तरे के माहौल” की चेतावनी दी गई है।
ईरान पर हुए हमले को लेकर इंडोनेशिया का बयान भी सामने आया है। उसने स्थाई बातचीत की वकाल की है।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा ने पीएम मोदी की ईरानी राष्ट्रपति के साथ टेलीफोन पर बातचीत पर कहा, जिसमें तनाव कम करने का आग्रह किया गया था: “पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की कूटनीति सही दिशा में है। गलत दिशा में जाने से बेहतर है कि सही दिशा में आगे बढ़ा जाए। हम इस समय इजरायल-ईरान संघर्ष, पाकिस्तान में छद्म युद्ध और कोविड-19 के बाद की स्थिति जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इन सभी स्थितियों में भारत ने लगातार आत्मनिर्भर और लचीला बने रहने की क्षमता दिखाई है।”
मलेशियाई प्रधान मंत्री अनवर इब्राहिम ने दुनिया से इजरायल पर दबाव बढ़ाने का आह्वान किया है ताकि वह “अन्य देशों के खिलाफ अपने उत्तेजक और हिंसक कार्यों को रोक सके।”
महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस के नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार ने कहा, “आपकी विदेश नीति क्या है? एक बार लोगों के सामने इसे स्पष्ट कर दें। तीसरा विश्व युद्ध छिड़ सकता है। इसलिए हमारा रुख स्पष्ट होना चाहिए। यही सोनिया जी ने कहा है। जब इजरायल ईरान पर हमला करता है, तो हमें बोलना चाहिए कि कौन सही है – इजरायल या ईरान? हम किसका समर्थन कर रहे हैं? वे कुछ नहीं कह रहे हैं। हमारी स्थिति ‘शोले’ जैसी है – आधे इधर जाओ, आधे उधर जाओ, बाकी मेरे पीछे आओ। जब आप पीछे मुड़ते हैं, तो आपके पीछे कोई नहीं होता। देश को ऐसी स्थिति में मत लाओ। यही हमारे नेता कह रहे हैं।”
इजरायल का ईरान पर हमला जारी है। इसी कड़ी में इजरायल ने ईरान के 6 एयरबेस पर जोरदार हमला किया है। ईरान के 15 फाइटर जेट भी इस हमले में तबाह बताए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात की, पूर्व राजनयिक केपी फैबियन ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत ही कूटनीतिक तरीके से कहा है कि भारत तनाव बढ़ने से परेशान है, यानी ईरान के परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमले से। अच्छे कूटनीतिक कारणों से प्रधानमंत्री अमेरिका का नाम नहीं लेना चाहते थे, न ही वे लगातार बमबारी के लिए इजरायल का नाम लेना चाहते थे। लेकिन यह स्पष्ट है कि भारत बहुत चिंतित है, और भारत के पास चिंतित होने के अच्छे कारण हैं।”
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आज फिर एक बार दोहराया है कि हम अपने लक्ष्य के बहुत ही करीब हैं।
कई पाकिस्तानी राजनेताओं, लेखकों और अन्य उल्लेखनीय हस्तियों ने सरकार से नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नामांकन के लिए अपने समर्थन पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया है।
अमेरिका द्वारा ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हमला करने के बाद, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराची रूस पहुंच चुके हैं और वो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत करेंगे।
इजरायली वायु सेना ने कहा है कि वह वर्तमान में ईरान के करमानशाह में सैन्य बुनियादी ढांचे पर हमले की योजना बना रही है।
प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान के बीच 45 मिनट लंबी बातचीत हुई। इसमें पीएम मोदी ने तनाव कम करने की अपील की और पेज़ेश्कियान ने भारत को ‘मित्र’ बताते हुए क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बहाल करने में भारत की भूमिका को अहम बताया।
ईरान ने मोहम्मदमीन शायेस्तेह नामक एक बंदी को फांसी पर लटका दिया, जिसे इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के साथ सहयोग करने के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी, यह जानकारी अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने सोमवार को दी।
जैसा कि अमेरिका, इजरायल, ईरानी और रूसी अधिकारी पूर्ण युद्ध की शुरुआत के बारे में चेतावनी दे रहे हैं, परमाणु तबाही का खौफ उस हद तक बढ़ गया है जो दशकों में नहीं देखा गया। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, तीन ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हवाई हमलों ने न्यूयॉर्क और वाशिंगटन में अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रख दिया है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने ईरान पर अमेरिकी हमले के लिए समर्थन व्यक्त किया है। कैनबरा में संवाददाताओं से बातचीत में अल्बानीज़ ने कहा, “विश्व लंबे समय से इस बात पर सहमत है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, और हम इसे रोकने के लिए कार्रवाई का समर्थन करते हैं।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट कर लिखा, ‘ईरान में सभी परमाणु स्थलों को भारी क्षति हुई है, जैसा कि उपग्रह चित्रों से पता चलता है। विनाश एक सटीक शब्द है! दिखाई गई सफेद संरचना चट्टान में गहराई तक धंसी हुई है, यहाँ तक कि इसकी छत भी ज़मीन से काफ़ी नीचे है, और पूरी तरह से आग से सुरक्षित है। सबसे ज़्यादा नुकसान ज़मीन से काफ़ी नीचे हुआ है। निशाना!!!’
अमेरिका के न्यूयॉर्क में रविवार को सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे और ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हालिया हमलों की आलोचना की है।
उत्तर कोरिया ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमले की “कड़ी निंदा” करते हुए इसे एक संप्रभु राज्य के सुरक्षा हितों और क्षेत्रीय अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है।
जापान ने ईरान और इजरायल में संघर्ष को कम करने का आह्वान किया है। विदेश मंत्री ताकेशी इवाया ने एक बयान में कहा, “जापान को पूरी उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के माध्यम से ईरान के परमाणु मुद्दे के समाधान की दिशा में प्रयासों से बातचीत का रास्ता फिर से खुल जाएगा।”
इजरायली सेना ने कहा है कि उसने दक्षिणी शहर ईलात की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को रोक लिया है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘जहां तक आज वैश्विक स्थिति का सवाल है, मध्य पूर्व में तनाव का बढ़ना पूरी तरह से अप्रत्याशित नहीं था। हमने इसका पूर्वानुमान लगाया था। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की संभावना भी शामिल है… हमने आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाई है। भारत में प्रतिदिन खपत होने वाले 5.5 मिलियन बैरल कच्चे तेल में से लगभग 1.5-2 मिलियन होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से आते हैं। हम अन्य मार्गों से लगभग 4 मिलियन बैरल आयात करते हैं। हमारी तेल विपणन कंपनियों के पास पर्याप्त स्टॉक है। उनमें से अधिकांश के पास तीन सप्ताह तक का स्टॉक है। उनमें से एक के पास 25 दिनों का स्टॉक है। हम अन्य मार्गों से कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ा सकते हैं… हम सभी संभावित अभिनेताओं के संपर्क में हैं।’
ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों पर अमेरिकी हमलों पर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “हमें पाकिस्तानियों से पूछना चाहिए कि क्या इसके लिए वे चाहते थे कि ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिले। अमेरिका के इस हमले ने नेतन्याहू, जो फिलिस्तीनियों का हत्यारा है, को गाजा में किए गए नरसंहार को छिपाने में मदद की है और वह ऐसा करना जारी रखता है। गाजा में नरसंहार हो रहा है और अमेरिका को इसकी चिंता नहीं है।’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सोमवार को दोपहर 1 बजे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक कर ईरान में तीन परमाणु सुविधाओं पर हमले के परिणामों पर चर्चा करेंगे।
इजरायल और ईरान के टकराव को लेकर यूएन के महासचिव एंटोनिया गुटेरेस ने नाराजगी जताई है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार को ईरान में तीन न्यूक्लियर साइट्स पर अमेरिका द्वारा हमला किए जाने के बाद तनाव बढ़ने के बीच इजरायल को सजा देने की कसम खाई है। ईरानी नेता के आधिकारिक हैंडल से एक्स पर बात करते हुए तेल अवीव के खिलाफ़ हमले तेज करने की कसम खाई, लेकिन अमेरिकी हमलों का कोई जिक्र नहीं किया।
होमलैंड सिक्योरिटी का अलर्ट अमेरिका के लिए सामने आया है। बताया जा रहा है कि अमेरिका पर ईरान का कोई संगठन का आतंकी हमला कर सकता है।
यूएन में इजरायली राजदूत ने अमेरिका की जमकर तारीफ की है। जोर देकर कहा गया है कि ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर जो हमले हुए हैं, उसके लिए अमेरिका को शुक्रिया कहना चाहिए।
अमेरिकी हमले के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में जबरदस्त तनाव है। अब इस बीच खबर है कि आज रात साढ़े 12 बजे UNSC ने एक आपात बैठक बुलाई है।
