बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने उन आरोपों का जवाब दिया है जिसमें उस्मान हादी की हत्या में भारत का हाथ होने के आरोप लगाए गए थे। शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की ओर से लगाए गए इस तरह के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।

एनडीटीवी को दिए स्पेशल इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा है कि हादी की हत्या मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत बांग्लादेश में फैली अराजकता और चुनावी हिंसा की वजह से हुई थी। शेख हसीना ने कहा कि हिंसा को रोकने के लिए अंतरिम सरकार को निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए थी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।

बांग्लादेश से अपने निर्वासन के बाद से ही भारत में रह रहीं शेख हसीना ने कहा कि हादी की हत्या के मामले को भारत से जोड़ने वाली बांग्लादेश की बात मनगढ़ंत है।

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हसीना ने कहा कि भारत हमारा सबसे करीबी सहयोगी है और दोनों देशों ने दशकों से मिलकर बेहद भरोसेमंद व्यापारिक और राजनीतिक संबंध बनाए हैं।

भारत ने कर दिया था आरोपों को खारिज

उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। इसके बाद भारत और बांग्लादेश के संबंध खराब हुए हैं क्योंकि बांग्लादेश की ओर से यह आरोप लगाया गया कि हादी की हत्या में भारत का हाथ है। नई दिल्ली की ओर से इस तरह के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया था। भारत ने उस्मान हादी की हत्या के मामले की गहन जांच की मांग की थी।

हादी की हत्या के बाद हुआ था उपद्रव

उस्मान हादी की 12 दिसंबर, 2025 को ढाका में नकाबपोश बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सिंगापुर के एक अस्पताल में हादी का निधन हो गया था। हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया था और मीडिया के कई दफ्तरों को भी निशाना बनाया था। इसके अलावा हिंदू समुदाय के कई लोगों पर भी हमले किए गए थे।

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