फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इशारों में ‘बुली’ करार कर दिया। उन्होंने यूरोपीय देशों को सलाह भी दी कि उन्हें किसी भी ताकतवर के आगे नहीं झुकना चाहिए।
साथ ही उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ को ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों के सामने ट्रेड ब्लॉक के एंटी-कोअसर्न इंस्ट्रुमेंट का इस्तेमाल करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए।
‘ईयू को नहीं झुकना चाहिए‘
न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, स्विटजरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यूरोपियन यूनियन को ताकतवर के कानून के आगे नहीं झुकना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यूनियन ने अमेरिका के खिलाफ अपने एंटी-कोअर्सन इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है। आगे कहा, “ईयू का एंटी-कोअसर्न इंस्ट्रूमेंट एक शक्तिशाली हथियार है जिसे आज के मुश्किल माहौल में हमारे काम आ सकता है।”
‘बुली के आगे सम्मान पसंद’
उन्होंने आगे कहा, “हम साज़िशों के बजाय साइंस को पसंद करते हैं और हम क्रूरता के बजाय कानून के शासन को पसंद करते हैं। फ्रांस बुली के धमकियों के बजाय सम्मान को पसंद करता है।”
क्या है यूरोप का यह हथियार?
बता दें कि एंटी कोअसर्न इंस्ट्रुमेंट के तहत यूरोपीय यूनियन निवेश पर प्रतिबंध लगाने और अमेरिकी डिजिटल दिग्गजों जैसी कंपनियों की सेवाओं के निर्यात पर रोक लगा सकता है।
अमेरिका ने यूरोपीय देशों पर लगाया टैरिफ
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन आठ देशों के खिलाफ 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है जिन्होंने उनके ग्रीनलैंड पर कंट्रोल के दावे का विरोध किया था और फ्रांस इन आठ देशों में से एक हैं। अमेरिका ने फ्रांस के अलावा, नार्वे, ब्रिटेन, डेनमार्क, स्वीडन, नीदरलैंड और जर्मनी पर यह टैरिफ लगाई है। इन सभी यूरोपीय देशों ने अमेरिका का विरोध किया और अपनी-अपनी छोटी सेनाएं ग्रीनलैंड में भेज दीं। यह टैरिफ इन देशों पर 1 फरवरी से लागू होगी। आगे पढ़िए वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ! ट्रंप की फ्रांस को खुली धमकी, गाज़ा पीस बोर्ड में शामिल होने से राष्ट्रपति मैक्रों का इनकार
