अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कोलंबिया के राष्ट्रपति को सीधे धमकी देते हुए कहा कि जल्द ही क्यूबा की सरकार गिरने वाली है। ट्रंप ने ग्रीनलैंड को भी अपने कब्जे में लेने की अपनी बात दोहराई।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने वाशिंगटन से लौटते वक्त अपने विमान एयरफोर्स वन में कहा, “क्यूबा पतन के कगार पर दिख रहा है,” ट्रंप ने कहा। मुझे नहीं पता कि वे टिक पाएंगे या नहीं।”
वेनेजुएला पर कार्रवाई के 48 घंटे के भीतर आई टिप्पणी
राष्ट्रपति ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिकी सेना की वेनेजुएला पर कार्रवाई के 48 घंटे के भीतर आई है। बता दें कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा सरकार के पतन को तेज करने के लिए अमेरिकी सेना का इस्तेमाल करने की संभावनाओं को सिरे से नाकार दिया और समझाया कि वेनेजुएला क्यूबा का प्राथमिक आर्थिक समर्थक था।
कोलंबिया के राष्ट्रपति को दी धमकी
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “क्यूबा सिर्फ वेनेजुएला की वजह से ही बचा हुआ है।” आगे ट्रंप ने ट्रंप ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को भी धमकी दी।
ट्रम्प ने कहा, “वेनेजुएला के अलावा कोलंबिया भी बहुत बीमार है- एक बीमार आदमी द्वारा चलाया जा रहा है जिसे कोकीन बनाना और उसे अमेरिका भेजना पसंद है और वह इसे बहुत लंबे समय तक नहीं कर पाएगा।”
जब अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या उनका मतलब कोलंबिया पर किसी संभावित अमेरिकी ऑपरेशन से है तो ट्रंप ने कहा, “मुझे तो यह अच्छा लगता है।”
ग्रीनलैंड को लेकर कही ये बात
डेनमार्क के प्रधानमंत्री द्वारा ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में लेने की धमकी देने के लिए ट्रंप की आलोचना करने के कुछ ही घंटों बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र की आवश्यकता है। ट्रम्प ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से हमें ग्रीनलैंड की जरूरत है। वहीं, यूरोपीय संघ (EU) को भी ग्रीनलैंड की आवश्यकता है।”
इन टिप्पणियों पर राष्ट्रपति पेट्रो ने फौरन प्रतिक्रिया दी और लैटिन अमेरिका के सभी देशों से एकजुट होने का आह्वान किया।
उन्होंने एक्स पर एक लंबी पोस्ट में लिखा, “अमेरिका मानव इतिहास में दक्षिण अमेरिकी राजधानी पर बमबारी करने वाला दुनिया का पहला देश है।” उन्होंने आगे कहा, “यह घाव लंबे समय तक ताजा रहेगा, लेकिन बदला लेना इसका समाधान नहीं था।”
कोलंबियाई राष्ट्रपति ने कहा, “लैटिन अमेरिका को एकजुट होना चाहिए और एक ऐसा क्षेत्र बनना चाहिए जिसमें पूरी दुनिया को समझने, व्यापार करने और उसके साथ जुड़ने की क्षमता हो और जो केवल उत्तर दिशा (अमेरिका व अन्य यूरोप) की ओर ही नहीं बल्कि सभी दिशाओं में देखे।”
