US-Venezuela Conflict: ड्रग्स तस्करी का आरोप लगाते हुए अमेरिकी सेना ने लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला की राजधानी कारकास पर भीषण हमले किए। इसके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बंधक बनाकर अमेरिका लाया गया है। वेनेजुएला पर अमेरिका के इस कब्जे ने सभी को हैरान कर दिया है। इस बीच एक और देश पर अमेरिकी कब्जे के संकट मंडराने लगा है।

दरअसल, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को बंधक बनाने और राजधानी पर कब्जा करने के बाद ट्रंप ने कहा कि जब तक वेनेजुएला में शांति स्थापित नहीं हो जाती, तब तक वहां अमेरिका का ही शासन चलेगा। ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेलसी रोड्रिगेज को राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई है। इस बीच ट्रंप के करीबी और अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो ने लैटिन अमेरिकी देश क्यूबा पर संभावित कब्जा करने के संकेत दे दिए हैं।

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रूबियो बोले- अमेरिका ने पहले भी किए सैन्य हस्तक्षेप

मार्को रुबियो ने कहा है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेने के बाद क्यूबा अगला निशाना हो सकता है। रुबियो ने कहा कि अगर मैं हवाना (क्यूबा की राजधानी) में सरकार में होता, तो मैं कम से कम थोड़ा चिंता करता।

इसके साथ ही मार्को रुबियो ने यह भी याद दिलाया है कि अमेरिका ने लैटिन अमेरिका में इससे पहले भी कई बड़े सैन्य हस्तक्षेप किए हैं, जिसमें। 1961 का क्यूबा में बे ऑफ पिग्स ऑक्रमण। इसका मकसद फिदेल कास्त्रो को सत्ता से हटाने का था।

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मादुरो के करीबी हैं क्यूबाई लोग

अमेरिकी विदेश सचिव ने मार्को रुबियो ने क्यूबा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि क्यूबा पूरी तरह से पतन की ओर है और मादुरो की पर्सनल सिक्योरिटी से लेकर खुफिया एजेंसी तक में लगे लोग ज्यादातर क्यूबाई लोग हैं। उन्होंने कहा कि क्यूबा एक आपदा है। इस पर अयोग्य बूढ़े लोगों का शासन है। कुछ मामलों में जो भी दिखाई नहं दे हैं, वे लाजमी तौर पर अयोग्य हैं। इसकी कोई अर्थव्यवस्था नहीं है, क्योंकि मुल्क पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।

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वेनेजुएला पर अमेरिका के कब्जे के बाद विदेश सचिव मार्को रुबियो के बयान ने स्पष्ट सवाल खड़े किए हैं, कि क्या अमेरिका का अगला बड़ा निशाना वेनेजुएला ही होगा? इसकी वजह यह है कि मार्को रुबियों ने क्यूबा आर्थिक स्थिति से लेकर सुरक्षा और भविष्य के प्लान तक पर सवाल खड़े किए हैं।

क्यूबा ने की थी अमेरिका की निंदा

अहम बात यह है कि अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर हमला करके जिस तरह से वहां के राष्ट्रपति मादुरो को गिरफ्तार किया है, उसको देख क्यूबा भड़क उठा है। क्यूबा ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। क्यूबा के अलावा ईरान और रूस ने भी अमेरिका के कदम पर सवाल खड़े किए हैं।

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