अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान युद्ध के दौरान नाटो सैनिकों को लेकर कहा कि वे मोर्चे से थोड़ी दूर रहे। ट्रंप के इस बयान के बाद यूरोप देश में आक्रोश फैल गया है।

यूरोपीय देशों के राजनेताओं और नाटो के पूर्व सैनिकों ने ट्रंप के इस बयान की कड़ी निंदा की और कहा कि उनके सैकड़ों साथी (सैनिक) अमेरिकी सेनाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ते हुए शहीद हो चुके हैं।

ट्रंप ने क्या कहा?

बता दें कि गुरुवार को फॉक्स न्यूज के बात करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा, अमेरिका को नाटो की कभी जरूरत नहीं पड़ी। साथ ही उन्होंने नाटो सहयोगियों पर अफगानिस्तान में पीछे हटने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “वे (नाटो) कहते हैं कि उन्होंने अफगानिस्तान में कुछ सैनिक भेजे, और उन्होंने भेजे भी, लेकिन वे थोड़ा पीछे हट गए, मोर्चे से थोड़ा दूर रहे।”

यूरोप ने बयान की निंदा की

इस बयान के सामने आते ही यूरोपीय देशों से अमेरिका की दूरी अब खाई में बदलती नजर आ रही है। इससे पहले दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगियों को खूब खरी-खोटी सुनाए थे। इसके कुछ ही देर बाद यूरोपीय यूनियन ने अमेरिका के साथ चल रहे ट्रेड डील को रोक दिया था।

ट्रंप के इस बयान को यूरोपीय देशों के राजनेताओं ने बेहद शर्मनाक और गलत बताया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के ऑफिस ने कहा कि ट्रंप ने दो दशकों के युद्ध के दौरान नाटो सैनिकों की भूमिका को कम आंकने में गलती की है, जबकि कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडेनोच ने उनकी टिप्पणियों को पूरी तरह बकवास बताया।

कीर स्टारमर ने कहा, “मैं राष्ट्रपति ट्रंप की इन टिप्पणियों को अपमानजनक और सचमुच भयावह मानता हूं और मुझे आश्चर्य नहीं है और उन्होंने मारे गए या घायल हुए लोगों को परिजनों को काफी दुख पहुंचाया है। अगर मैंने कुछ इस तरह के कहा होता तो मैं निश्चित तौर पर माफी मांगता।”

केमी बैडेनोच ने कहा, “ब्रिटिश, कनाडाई और नाटो सैनिकों ने 20 सालों तक अमेरिका के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी और अपनी जानें दी। यह एक तथ्य है कोई राय नहीं। उनके बलिदान का सम्मान किया जाना चाहिए न कि निंदा की जानी चाहिए”

पूर्व सैनिक परिजनों ने टिप्पणियों को अपमानजनक कहा

इधर बीबीसी से बात करते हुए युद्ध में मारे गए या घायल सैनिकों के परिजनों ने ट्रंप की इन टिप्पणियों की आलोचना की और इसे अपमानजनक बताया। अफगानिस्तान और इराक में सेवा दे चुके रिटायर पोलिश जनरल और पूर्व विशेष बल कमांडर रोमन पोल्को ने रॉयटर्स से कहा, “हम ट्रंप के इस बयान के लिए उनके माफी की उम्मीद करते हैं।”

रोमन पोल्को ने यह भी कहा, “ट्रंप ने यह टिप्पणी कर सारी हदें पार कर दी हैं। हमने इस गठबंधन के लिए खून बहाया है, हमने अपनी जान की कुर्बानी दी है।”

पोलैंड के रक्षा मंत्री व्लादिस्लाव कोसिनियाक कामिश ने कहा कि देश की सेवा को कभी भुलाया नहीं जा सकता और न ही इसे कम आंका जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “पोलैंड एक भरोसेमंद सहयोगी है और कोई भी बात इसे बदल नहीं सकती।”

व्हाइट हाउस ने दिया ये जवाब

यूरोपीय देशों में हो रही निंदा के बावजूद व्हाइट हाउस ने ढिठाई से जवाब दिया। व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सचिव अन्ना केली ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को सही साबित करते हुए कहा कि अमेरिका के योगदान अन्य देशों के योगदान को तुच्छ कर देते हैं। आगे पढ़िए ग्रीनलैंड पर आमने-सामने अमेरिका और नाटो? फ्रांस, जर्मनी, नार्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने भेजी अपनी सेनाएं