कनाडा ने भारत सरकार से औपचारिक रूप से अनुरोध किया है कि 2023 में हुई एक अरब अस्सी करोड़ (करीब 20 मिलियन डॉलर) की सोने की चोरी के एक मुख्य आरोपी प्रीत पनेसर को भारत से कनाडा भेजा जाए। यह चोरी कनाडा के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी सोने की चोरी बताई जा रही है। यह जानकारी 12 जनवरी को पील रीजनल पुलिस की ओर से जारी एक बयान में दी गई।

पील रीजनल पुलिस ने यह भी बताया कि इस मामले में एक और अहम आरोपी अरसलान चौधरी को 12 जनवरी को टोरंटो पियरसन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। पिछले साल 14 फरवरी को ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने सबसे पहले रिपोर्ट किया था कि 33 साल का प्रीत पनेसर भारत के पंजाब में है। अखबार ने उसे चंडीगढ़ के बाहरी इलाके मोहाली में एक किराए के मकान में ट्रेस किया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उस घर पर छापेमारी की और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया।

ईडी के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें अभी तक कनाडा की ओर से भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन वे कनाडा के अधिकारियों के संपर्क में हैं। ईडी यह जांच कर रही है कि पनेसर को भारत में जो हवाला के जरिए पैसे मिले, क्या वे कनाडा में हुई सोने की चोरी से जुड़े अपराध की कमाई हैं।

चोरी के बाद पनेसर को हवाला के जरिए 8.5 करोड़ रुपये से ज्यादा मिले

ईडी का कहना है कि यह पैसा कथित तौर पर म्यूजिक इंडस्ट्री जैसे रास्तों से भेजा गया। इन पैसों का इस्तेमाल ज्यादातर एक फिल्म के निर्माण में किया गया, जिसमें पनेसर की पत्नी प्रीती काम कर रही थीं। प्रीती एक उभरती हुई गायिका और अभिनेत्री हैं। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने 23 जुलाई को पहली बार यह खबर छापी थी कि ईडी के पास ऐसे दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूत हैं, जिनसे पता चलता है कि चोरी के बाद पनेसर को हवाला के जरिए 8.5 करोड़ रुपये से ज्यादा मिले। ये हवाला ऑपरेटर, जो कथित तौर पर चंडीगढ़ और कनाडा में थे, अभी तक पकड़े नहीं गए हैं।

ईडी के मुताबिक, जांच में ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि अलग-अलग लोगों और संस्थाओं ने पनेसर परिवार के बैंक खातों में नकद जमा किया। बाद में यही पैसा निवेश के रूप में ‘एम/एस स्टार मेकर्स एंटरटेनमेंट’ नाम की कंपनी के खाते में भेजा गया। यह कंपनी प्रीत पनेसर और उसकी पत्नी द्वारा चलाई जाती है। जब ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने पनेसर के वकील दमनबीर सिंह सोबती से कनाडा के प्रत्यर्पण अनुरोध और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर सवाल किया, तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

फरवरी 2025 में जब ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने प्रीत पनेसर को ढूंढा था, तब उसने “कानूनी कारणों” का हवाला देते हुए रिकॉर्ड पर कुछ भी कहने से मना कर दिया था। बताया गया है कि वह चंडीगढ़ के बाहरी इलाके में ही किसी दूसरी जगह पर चला गया था। फरवरी में खबर छपने के एक हफ्ते बाद ईडी ने उसके घर पर छापेमारी की और इस मामले में ईसीआईआर (एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज की। 21 और 22 फरवरी को हुई छापेमारी में एक रजिस्टर भी बरामद किया गया, जिसमें अलग-अलग तारीखों में मिले पैसों का पूरा हिसाब लिखा था।

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ईडी का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से मिले सबूत इस मामले में बहुत अहम हैं। हालांकि, पनेसर के फोन कॉल और मैसेज रिकॉर्ड के आधार पर जिस हवाला ऑपरेटर का पता चला था, वह अब तक ईडी की पकड़ से बाहर है। अधिकारियों ने बताया कि ईडी की टीमों ने प्रीत पनेसर से कम से कम दो बार पूछताछ की है। उसके फोन से मिले मैसेज में कनाडा और दुबई से चोरी के बाद पैसे मिलने के सबूत भी मिले हैं।

12 जनवरी को जारी बयान में पील रीजनल पुलिस ने इस पूरे मामले को “प्रोजेक्ट 24K” नाम दिया है। पुलिस के अनुसार, अब तक इस केस में नौ लोगों पर आरोप लगाए जा चुके हैं या उन्हें वांछित घोषित किया गया है। इनमें से दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनमें प्रीत पनेसर भी शामिल है। उस पर 5,000 डॉलर से ज्यादा की चोरी और “गंभीर अपराध की साजिश” में शामिल होने के आरोप हैं। कनाडाई पुलिस की जांच रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि इस चोरी में प्रीत पनेसर की भूमिका बहुत अहम थी। रिपोर्ट के मुताबिक, “वह इस पूरी साजिश का एक जरूरी हिस्सा था। उसकी भूमिका सबसे ऊपर थी।”

पहले सामने आए पील रीजनल पुलिस बोर्ड के दस्तावेजों में भी यह कहा गया था कि पनेसर ने इस चोरी को अंजाम देने में मदद की। कनाडा पुलिस की रिपोर्ट में उसे एयर कनाडा का कर्मचारी बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पनेसर ने आने वाली सोने की खेप की पहचान की, एयर कार्गो सिस्टम में हेरफेर किया और सोने से भरे कंटेनर को बाहर निकालने में मदद की।