Ganga Dussehra Puja Vidhi, Muhurat, Katha: हिंदू धर्म में गंगा दशहरा पर्व का विशेष महत्व है। ज्योतिष पंचांग अनुसार गंगा दशहरा का पर्व हर साल ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। जो इस बार 9 जून को पड़ रही है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार इसी दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं। इसलिए इस दिन गंगा स्नान करना काफी फलदायी माना जाता है। इसी के साथ दान पुण्य करने से अक्ष्य पुण्य की प्राप्ति होती है।
बन रहे विशेष संयोग:
ज्योतिष पंचांग के अनुसार गंगा दशहरा पर इस साल दो शुभ संयोग बन रह हैं। गंगा दशहरा पर रवि योग बन रहा है। जिसमें धार्मिक और मांगलिक कार्यों को करना बहुत ही शुभ फलदायी माना गया है। गंगा मां ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हस्त नक्षत्र में पृथ्वी पर उतरीं थी। इस बार हस्त नक्षत्र 9 जून को सुबह 4 बजकर 32 मिनट से प्रारंभ होकर 10 जून को सुबह 4 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।
जानिए शुभ मुहूर्त:
वैदिक पंचांग के अनुसरा इस बार गंगा दशहरा गुरुवार, 9 जून 2022 को मनाया जाएगा। आपको बता दें कि ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि गुरुवार, 09 जून को सुबह 08 बजकर 22 मिनट से आरंभ होकर शुक्रवार, 10 जून को सुबह 07 बजकर 25 मिनट पर खत्म होगी।
पूजा विधि: वैसे तो गंगा दशहरा के दिन पवित्र नदी गंगा में स्नान करने की परंपरा है। यदि आप गंगा के तट पर नहीं में असमर्थ हैं तो आस-पास के तालाब या नदी में भी मां गंगा का नाम लेकर डुबकी लगाई जा सकती है। साथ ही डुबकी लगाते समय ‘ऊँ नमः शिवायै नारायण्यै दशहरायै गंगायै नमः’ मंत्र का उच्चारण जरूर करें। आप चाहें तो घर में नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। इस दिन घड़ा, मौसमी फल और जल दान करने का विशेष महत्व है।
शास्त्रों के अनुसार इस दिन किए गए दान का अक्षय पुण्य का फल प्राप्त होता है। इस दिन जल, अन्न, फल, वस्त्र,पूजन व सुहाग सामग्री, घी, नमक, तेल, शकर और स्वर्ण का दान कर सकते हैं। गंगा दशहरा पर दैहिक शुद्धि के लिए दशविध स्नान करना शुभ माना गया है।
