Brain Tumour Symptoms: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत के प्रति लापरवाह हो गए हैं। छोटी-छोटी बातें जब तक उन्हें अधिक परेशान न करें तब तक उसे ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। पर कई बार स्वास्थ्य के प्रति अनदेखी लोगों को कई तरह की मुश्किलों में डाल सकती है। ऐसी ही एक आम समस्या है सिर में दर्द, जो कई बार गंभीर रूप भी ले सकता है। अगर दवा खाने के बाद भी सिर में दर्द खत्म न हो रहा हो तो सतर्क होना जरूरी है। ये ब्रेन ट्यूमर का भी लक्षण हो सकता है। वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे पर आइए जानते हैं क्या हैं इस बीमारी के लक्षण और कैसे रह सकते हैं इससे सुरक्षित-
क्या है ब्रेन ट्यूमर: आमतौर पर शरीर में कई कोशिकाएं बनती व नष्ट होती हैं। ये एक सामान्य प्रक्रिया है जो कई बार मस्तिष्क में जाकर बाधित हो जाती है। इस रुकावट के कारण ब्रेन में ट्यूमर सेल्स बनने लगते हैं। ये सेल्स धीरे-धीरे गांठ का रूप लेने लगती हैं जो कैंसरजन्य या फिर कैंसर रहित हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार बीस से चालीस साल की उम्र में होने वाला ट्यूमर आम तौर पर कैंसर रहित होता है। वहीं, 50 साल के अधिक उम्र के लोग जब इस बीमारी से पीड़ित होते हैं तो उनमें कैंसर वाला ट्यूमर का खतरा अधिक होता है।
ये हैं इस बीमारी के लक्षण: ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों मे तेज सिर दर्द, चक्कर आना, उल्टी जैसा लगना आम हैं। इसके अलावा, देखने में और चलने में परेशानी होना भी इस बीमारी की ओर संकेत करता है। ब्रेन ट्यूमर के मरीजों को याददाश्त संबंधी परेशानी भी होती है। वहीं, अगर शरीर का कोई हिस्सा बार-बार सुन्न पड़ जा रहा हो, तो भी डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी जाती है। कई बार इस बीमारी के मरीज अपना संतुलन भी खो देते हैं और लड़खड़ाने लगते हैं। इसके अलावा, गंभीर स्थिति में इन मरीजों को दौरे पड़ने लगते हैं।
कैसे करें बचाव: इस गंभीर बीमारी से बचाव हेतु लोगों को अपने खाने-पीने पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार विटामिन-सी युक्त भोजन के सेवन से ब्रेन कैंसर के मरीजों के ट्यूमर को खत्म करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, विटामिन-के और विटामिन-ई जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी शरीर में नहीं होनी चाहिए। वहीं, साबुत आहार और फाइबर युक्त खाना भी लोगों को स्वस्थ रखने में कारगर है। इसके साथ ही फिजिकल एक्टिविटीज भी जरूरी हैं ताकि लोग फ्रेश व स्ट्रेस फ्री महसूस कर सकें। लोगों को इस बीमारी से बचने के लिए भरपूर नींद लेना भी जरूरी है।
