Uric Acid Home Remedies: गठिया रोग, जोड़ों में दर्द, गाउट और सूजन जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का एक आम कारण यूरिक एसिड का बढ़ना भी माना जाता है। हाई यूरिक एसिड के मरीजों के शरीर के कई अंग इससे प्रभावित हो जाते हैं। यूरिक एसिड की अधिकता होने पर किडनी भी सुचारू रूप से फिल्टर करने में सक्षम नहीं रह जाती। बता दें कि यूरिक एसिड एक ऐसा केमिकल है जो शरीर में तब बनता है जब शरीर प्यूरीन नामक प्रोटीन का संसाधन करता है यानि उसको छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ता है। ये प्रोटीन हमारे शरीर में खुद-ब-खुद तो बनते ही हैं, साथ में कुछ फूड आइटम्स में भी मौजूद होते हैं। इसलिए यूरिक एसिड के मरीजों को डाइट में वही चीजें शामिल करनी चाहिए जिससे कि यूरिक एसिड कंट्रोल हो। अखरोट भी एक ऐसा ही आइटम है जिसे खाना मरीजों के लिए लाभकारी होगा-
क्या हैं अखरोट खाने के फायदे: अखरोट को नट्स यानि कि मेवे की श्रेणी में ही शामिल किया जाता है। वैसे तो यूरिक एसिड के मरीजों को मूंगफली और बाकी नट्स कम खाने की सलाह दी जाती है लेकिन अखरोट खाना उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। अखरोट में कई प्रोटीन्स, विटामिन्स, फैट्स और मिनरल्स पाए जाते हैं जो शरीर को पोषण प्रदान करने में कारगर होते हैं। इसके अलावा अखरोट को एंटी-ऑक्सीडेंट्स और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड का भंडार माना जाता है। ये सभी तत्व शरीर से यूरिक एसिड निकालने में मदद करते हैं जिससे यूरिक एसिड का स्तर बॉडी में कम होता है।
रोज खाएं इतने अखरोट: अखरोट के वैसे तो स्वास्थ्य संबंधी कई फायदे होते हैं लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में करना ही लाभदायक होता है। ज्यादा अखरोट खाने से पेट में गर्मी होती है और इसके कई नुकसान भी होते हैं। शरीर में यूरिक एसिड के लेवल को कम करने के लिए मरीजों को रोजाना सुबह खाली पेट 2-3 अखरोट खाएं। इससे शरीर में बढ़ा हुआ यूरिक एसिड कम हो जाता है।
इनसे भी होगा लाभ: हाई यूरिक एसिड के मरीजों को डॉक्टर्स पेय पदार्थ का अधिक सेवन करने की सलाह देते हैं। ऐसे में जितना ज्यादा हो सके पानी पीने से भी शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा कम होती है। इसके अलावा, गाजर और चुकंदर का जूस भी इसके लेवल को कम करने में सहायक है। वहीं, धनिया भी यूरिक एसिड के मरीजों के लिए एक अच्छा विकल्प है। हरा धनिया में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, साथ ही इसमें डाइ-यूरेटिक गुण भी मौजूद होते हैं जिससे किडनी एक्टिव रूप से फंक्शन करने में सक्षम होता है। इन सब के अलावा धनिया पत्ता में एंटी-इंफ्लामेट्री गुण भी पाए जाते हैं जो गठिया व पैरों के सूजन को कम करने में मददगार होते हैं।

