डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए शारीरिक और मानसिक फिटनेस के साथ-साथ खास प्रकार के आहार भी विशेष योगदान होता है। नट्स को पोषण तत्वों से भरपूर माना जाता है। ये डायबिटीज के रोगियों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। जो ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करके डायबिटीज से पीड़ित लोगों की सेहत में सुधार लाने का काम करता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार नट्स कुछ इस तरह से डायबिटीज के रोगियों के मदद करते हैं।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के सर्कुलेशन रिसर्च जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि प्रति सप्ताह नट्स के पांच सर्विंग्स खाने से टाइप 2 डायबिटीज वाले रोगियों में हृदय रोग का खतरा 17 प्रतिशत कम हो जाता है। इस स्टडी के मुताबिक टाइप 2 मधुमेह वाले लोग जो नियमित रूप से नट्स का सेवन करते हैं, उनमें हृदय रोग से मौत का खतरा 34 प्रतिशत तक कम हो जाता है। साथ ही कोरोनरी हृदय रोग का खतरा 20 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इतना ही नहीं 31 प्रतिशत तक असमय होने वाली मौत का खतरा कम हो जाता है।

क्या काजू मदद कर सकता है?

सामान्य तौर पर ऐसा माना जाता है कि काजू में अन्य नट्स की तुलना में फैट कम होता है। ‘जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन एंड डिजीज’ में साल 2018 में एक स्टडी पब्लिश की गई थी, जिसमें यह साबित किया गया था कि काजू के सेवन से एचडीएल कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि हुई है और टाइप-2 मधुमेह के साथ एशियाई भारतीयों में सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर कम हो गया है। साथ ही 12 सप्ताह तक लगातार जांच करके 300 लोगों को काजू का डाइट या एक विशेष प्रकार का आहार देकर यह पता लगाया कि किस प्रकार अखरोट शरीर के वजन, ग्लाइसेमिया या अन्य लिपिड वेरिएबल पर अपना घातक प्रभाव नहीं दिखाता है।

बादाम, काजू, अखरोट, मैकाडामिया नट्स, पेकान, पिस्ता, पाइन नट और चेस्टनट सहित अन्य पेड़ के नट्स को दिल को तंदरुस्त रखने के लिए खास माना जाता है। काजू में दूसरे नट्स की तुलना में कम फैट होता है। काजू में 75 प्रतिशत से अधिक तैलीय एसिड होते हैं। जो आमतौर पर काजू में फैट का 75 प्रतिशत से अधिक ओलिक एसिड होता है, जिसे हार्ट हेल्दी मोनो अनसेचूरेटेड फैट के रूप में जाना जाता है। दिल को स्वस्थ रखने के लिए एक्सपर्ट रोजाना एक मुट्ठी नट्स के सेवन की सलाह देते है।