आपने देखा होगा कि कई लोग बैठे या सोते वक्त अपने पैर हिलाते रहते हैं, या कुछ सोचते वक्त या तनाव में ऐसा ज्यादा करते हैं और शायद आप भी ऐसा करते होंगे। आप भले ही इस आदत को एक सामान्य आदत मानकर इग्नोर कर देते हों, लेकिन यह आपके स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं है। कई जानकारों का कहना है कि यह आदत रेस्टलेस सिंड्रोम के लक्षण भी हो सकते हैं, जो कि आयरन की कमी से हो सकता है। बताया जाता है कि यह समस्या 10 फीसदी लोगों को होती है और ज्यादातर 35 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों को होती है। बता दें कि यह नर्वस सिस्टम से जुड़ा रोग है और पैर हिलाने पर व्यक्ति में डोपामाइन हार्मोन स्त्रावित होने के कारण उसे ऐसा बार-बार करने का मन करता है। साथ ही आदमी आराम का अनुभव करने के लिए ऐसा बार बार करता है।

बोस्‍टन के हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में किए गए एक रिसर्च के अनुसार इससे पीडि़त लोगों में हार्ट अटैक का खतरा दोगुना तक बढ़ जाता है। दरअसल, आरएलएस से पीड़ित व्यक्ति नींद आने से पहले 200 से 300 बार अपना पैर हिला चुका होता है। इससे ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन बढ़ जाती हैं। आगे चलकर यह दिल की बीमारियों यानी कार्डियोवस्कुलर डिजीज की सबसे बड़ी वजह बन जाता है। साथ ही यह बीमारी होने की संभावना महिलाओं में ज्यादा होती है। हालांकि कई डॉक्टरों का ये भी कहना है कि आधे लोगों को यह रोग आनुवांशिक कारणों से भी होता है जबकि कई महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान भी इसके लक्षण दिखाई देते हैं।

वैसे तो इस रोग का पता करने के लिए कोई विशेष जांच नहीं है, लेकिन कई डॉक्टर ब्लड टेस्ट के माध्यम से इसके संकेत पता करते हैं। इससे बचने के लिए पैरों को आराम देना सबसे जरुरी है और लगातार पांव की मालिश करें। इसके लिए आप हॉट बाथ ले सकते हैं और नींद पूरी करने के लिए कदम उठा सकते हैं। साथ ही अधिक शराब, सिगरेट आदि से दूर रहें और शुगर, ब्लड प्रेशर आदि को नियंत्रित रखने की कोशिश करें।