तंबाकू से कैंसर होता है। तंबाकू के पैकेट पर लिखी ये लाइन आपने कई बार पढ़ी होगी। तंबाकू जानलेवा है यह हम सभी जानते हैं। कैंसर के अलावा तंबाकू के सेवन से दिल की बीमारी और मानसिक बीमारी तक का भी खतरा रहता है। जिन्हें तंबाकू की लत होती है वो इसे छोड़ने की तमाम कोशिशे करते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को ही इसमें सफलता मिलती है। एक शोध की मानें तो तंबाकू का सेवन करने वाले हर 10 में 9 भारतीय इसे छोड़ने की कोशिश में होते हैं, लेकिन असफल होते हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों ने तंबाकू से होने वाले नुकसान की लिस्ट में एक चीज और जोड़ दी है। उनका कहना है कि तंबाकू केवल दिल की बीमारी या फिर कैंसर को ही जन्म नहीं देता बल्कि इसका ज्यादा मात्रा में सेवन अंधेपन का भी कारण हो सकता है।
एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों में नॉन-स्मोकर्स के मुकाबले मोतियाबिंद होने का खतरा ज्यादा रहता है। 5 या 10 साल से ज्यादा वक्त से तंबाकू चबाने या फिर स्मोक करने की वजह से आंखों की नसें बुरी तरह से प्रभावित होती हैं, जिसकी वजह से अंधेपन की समस्या सामने आ सकती है। एम्स के डॉक्टर डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि तंबाकू की वजह से दिल की बीमारी और कैंसर होता है, यह बात तो सबको पता है, लेकिन इसकी वजह से आंखों से संबंधित समस्याओं के बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते। उन्होंने बताया कि अंधेपन की समस्या से जुड़े मामलों में सालाना तकरीबन पांच प्रतिशत मामले ऐसे होते हैं जिनमें मरीज तंबाकू का लती होता है।
एम्स और स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सहयोग से कराए गए इस सर्वे में 17 राज्यों के 19 जिलों से जानकारी जुटाई गई थी। सर्वे से जुड़े एक जानकार ने बताया कि मोतियाबिंद अंधेपन का सबसे प्रमुख कारण होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया में अंधेपन के शिकार लोगों में 20 प्रतिशत लोग भारत से संबंध रखते हैं।

