Diet Tips for Piles Patient: हेमरॉयड्स जिसे आम भाषा में बवासीर या फिर पाइल्स कहते हैं, एक गंभीर बीमारी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जब मलाशय के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है, तो लोग इस परेशानी से घिर जाते हैं। बवासीर 2 तरह की होती है, अंदरूनी और बाहरी बवासीर। पहले में जहां नसों में आई सूजन दिखती नहीं है जबकि बाहरी बवासीर में गुदा के बाहर सूजन महसूस होती है। ऐसे में मल त्याग करते वक्त लोगों को बेहद तकलीफ होती है। गंभीर मामलों में मरीजों को ब्लीडिंग भी हो सकती है।
आंकड़ों के मुताबिक 50 साल की उम्र तक 75 फीसदी लोग इस बीमारी से ग्रस्त हैं। इस बीमारी के प्रभाव को कम करने के लिए स्वस्थ खानपान बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बीमारी की एक प्रमुख वजह अनियमित खानपान भी मानी जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि पाइल्स के मरीजों को डाइट में किन चीजों को शामिल करना चाहिए –
करेला: इस सब्जी का स्वाद भले ही कड़वा हो, मगर इसे खाने के कई करामाती फायदे होते हैं। करेले में प्रचुर मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं। इसके सेवन से बवासीर की परेशानी कम होती है। यही नहीं, कब्ज और दूसरी पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी करेला कारगर है।
साबुत अनाज: पाइल्स के मरीजों के लिए साबुत अनाज का सेवन भी फायदेमंद होगा। दलिया, ज्वार, रागी, गेहूं जैसे होल ग्रेन्स के इस्तेमाल से मल त्याग करने में आसानी होती है। साथ ही, बवासीर के कारण होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है।
छाछ: छाछ पीने से भी पाइल्स की परेशानी कम हो सकती है। यदि इसमें जीरा मिलाकर इसका सेवन किया जाए तो फायदा अधिक होगा। इसके अलावा, दूसरे तरल पदार्थ जैसे कि सूप या ताजे फलों का रस भी इस समस्या को कम करने में मददगार है। वहीं, मरीजों को रोज गर्म पानी पीने से भी फायदा होगा।
फल-सब्जियां: पाचन तंत्र मजबूत होने से भी पाइल्स की परेशानी पर काबू किया जा सकता है। हरी सब्जियों को खाने से पाचन बेहतर होती है। इसमें उच्च मात्रा में मिनरल्स, विटामिन्स और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो पेट की परेशानी को दूर करने में मददगार साबित होते हैं। वहीं, फलों में भी फाइबर होता है जो मल त्याग में होने वाली कठिनाई को कम करता है। मरीजों के लिए अंजीर, पका केला और पपीता खाना लाभकारी होगा।

