Diet Tips for Thyroid Patients: अगर किसी व्यक्ति में थायरोक्सिन हार्मोन का प्रोडक्शन अत्यधिक मात्रा में होने लगती है तो उससे थायरॉयड नाम की बीमारी हो जाती है। इस बीमारी को ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धारे सामने आते हैं। बता दें कि ‘थायरॉयड’ गर्दन में एक विशेष ग्लैंड को कहा जाता है जो थायरोक्सिन नामक हार्मोन का उत्पादन करती है। ये हार्मोन शारीरिक गतिविधियों के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन इस हार्मोन के अनियमित होने पर लोग हाइपर व हाइपो थायरॉयड की परेशानी से जूझते हैं। इस बीमारी के मरीजों को अपनी जीवन-शैली का खास ख्याल रखना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं कैसा होना चाहिए इन मरीजों का खानपान-
मिनरल्स से भरपूर डाइट: थायरॉयड ग्लैंड ठीक तरह से कार्य कर सके इसके लिए शरीर में आयोडीन व सेलेनियम की पूर्ति होना जरूरी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार इन दोनों मिनरल्स में से किसी एक की भी कमी से थायरॉयड की बीमारी हो सकती है। आयोडीन की मात्रा को बढ़ाने के लिए लोगों को सूप, सलाद व स्ट्यू का सेवन करना चाहिए। वहीं, समुद्री सब्जियों में भी आयोडीन भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। इसके अलावा, मशरूम, चिया सीड्स और ब्रेजिल नट्स खाने से शरीर में सेलेनियम की पूर्ति होती है।
अखरोट-फ्लैक्स सीड्स करें शामिल: थायरॉयड के मरीजों में अक्सर मोटापे की शिकायत होती है जिस कारण मरीज फैट के सेवन से परहेज करते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ मरीजों को ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे हेल्दी फैट के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। माना जाता है कि ओमेगा-3 थायरॉयड के स्तर को संतुलित रखने में मददगार होती है। ऐसे में मरीजों को अखरोट, चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स और सालमन जैसी फैटी मछलियों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने वाले फूड: हाइपर थायरॉइड की बीमारी में लोगों का मेटाबॉलिज्म बुरी तरह से प्रभावित होता है जिससे कि भोजन को पचने में अधिक समय नहीं लगता। जल्दी भोजन पच जाने के वजह से इस बीमारी के मरीजों को बार-बार भूख लगती है। ऐसे में थायरॉयड के मरीजों को अपनी डाइट में वो खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए जिनसे उनका मेटाबॉलिक रेट बेहतर हो। मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए लोगों को फाइबर से भरपूर वेजिटेबल स्मूदी, सलाद, सब्जियां व प्रोटी न के अच्छे स्रोतों का सेवन करना चाहिए। इनसे मेटाबॉलिज्म तो बेहतर होगा ही, साथ में ये वजन कम करने की प्रक्रिया में भी मददगार होते हैं।
