Ayurvedic Tips for Thyroid Patients: ‘थायरॉयड’ गर्दन में एक विशेष ग्लैंड को कहा जाता है जो थायरोक्सिन नामक हार्मोन का उत्पादन करती है। ये हार्मोन शरीर के क्रिया-कलापों के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति में इस हार्मोन का उत्पादन जरूरत से ज्यादा मात्रा में होता है तो उससे थायरॉयड नाम की बीमारी हो जाती है। इस बीमारी को साइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धारे सामने आते हैं। आज के समय में बहुत आम बन चुकी इस बीमारी से न केवल उम्रदराज लोग बल्कि युवा भी पीड़ित हो रहे हैं। खराब जीवन-शैली व अनहेल्दी खानपान के कारण लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। थायरॉयड से निजात पाने में कई आयुर्वेदिक तरीके आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं।
आयुर्वेद में लगभग हर बीमारी का इलाज बताया गया है, थायरॉयड से जुड़े कई उपाय भी इसमें बताए गए हैं। इस बीमारी में विभीतिका, पुशकरबून और अश्वगंधा के चूर्ण का इस्तेमाल फायदेमंद साबित हो सकता है। आयुर्वेद के जानकारों के अनुसार इन तीनों ही पदार्थों के चूर्ण को 3 ग्राम शहद अथवा गुनगुने पानी के साथ दिन में 2 बार पीने से थायरॉयड के मरीजों को लाभ होगा।
थायरॉयड के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले आयुर्वेदिक उपायों में से एक है शिग्रु पत्र, कांचनार, पुनर्नवा से बने काढ़े का सेवन। ऐसा माना जाता है कि खाली पेट रोज 30 से 50 मिली लीटर काढ़ा पीना इस बीमारी से दूर रखने में मददगार है।
वहीं, थायरॉयड का ही एक प्रकार, आयोडीन की कमी से होने वाली बीमारी गॉयटर के मरीजों के लिए भी आयुर्वेद में उपाय बताए गए हैं। जलकुंभी, विभीतकी और अश्वगंधा को मिलाकर एक पेस्ट बना लें और प्रभावित हिस्से पर लगाएं। सूजन कम होने तक नियमित इस मिश्रण का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, इन पौधों के रस का भी मरीज सेवन कर सकते हैं।
आयुर्वेद की माने तो थायरॉयड की परेशानी को कम करने में नारियल तेल भी विशेष रूप से उपयोगी है। जानकारों के अनुसार 1 से 2 चम्मच नारियल तेल को गुनगुने दूध में मिलाकर सुबह-शाम पीने से फायदा होता है।
थायरॉयड बीमारी को कम करने के लिए आयुर्वेदिक तरीकों में धनिये को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। इस बीमारी को कम करने में विशेषज्ञ धनिये का पानी पीने की सलाह देते हैं। इसे बनाने के लिए शाम को ही तांबे के बर्तन में पानी डालकर 1-2 चम्मच धनिया को भिगो दें। सुबह अच्छी तरह धनिये को निचोड़ कर पानी को छान लें और सेवन करें। इसके अलावा, 1 चम्मच अलसी का चूर्ण भी थायरॉयड को कम करने में कारगर है।
