Irregular Periods: महिलाओं में पीरियड्स एक सामान्य प्रक्रिया है जो कई बार पीड़ादायक और अनियमित हो सकता है। आमतौर पर मासिक चक्र 28 दिनों का होता है, लेकिन 21 से 38 दिनों के बीच कभी भी हो सकता है। लेकिन अगर किसी महिला या युवती को पिछली बार पीरियड्स होने के अगले 35 दिन या उससे अधिक समय तक माहवारी नहीं होती है तो इसे अनियमित माना जाता है। अगर कभी-कभी ऐसा होता है तो परेशानी की बात नहीं है लेकिन बार-बार यदि ये परेशानी उत्पन्न हो रही है तो डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है।
क्या है पीरियड्स के अनियमित होने का कारण: हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, अधिक एक्सरसाइज, बर्थ कंट्रोल पिल्स लेना और दूसरी कई दवाइयों को खाने से भी पीरियड्स अनियमित हो जाता है। इसके अलावा, थायरॉयड, तनाव, यूटेरिन फाइब्रॉइड, प्रेग्नेंसी अथवा ब्रेस्ट फीडिंग के कारण भी माहवारी में देरी हो सकती है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि पीरियड्स नियमित रूप से बिना दर्द के हो इसमें योग मददगार साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं –
सूर्य नमस्कार: एक्सपर्ट्स के अनुसार सूर्य नमस्कार करने से मांसपेशियां, लिगामेंट्स और जॉइंट्स को बेहतर होने में मदद करता है। साथ ही, हार्मोन को रेगुलेट करने में भी सहायक है। नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से पीरियड्स संबंधी परेशानियां दूर होती हैं।
कपालभाति: ये प्राणायाम कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में सहायक माना गया है। इसके अभ्यास से खून में मौजूद कार्बन डायॉक्साइड को निकालता है। इसमें धीरे-धीरे सांस लेते हैं और तेजी व जोर लगाकर सांस छोड़ें।
भद्रासन: इससे रीढ़ की हड्डी, जांघ व हिप्स मजबूत होते हैं। साथ ही, इस एक्सरसाइज को करने से पीरियड्स भी सही समय पर आता है।
धनुरासन: धनुरासन को बैक स्ट्रेचिंग के लिए सर्वोत्तम व्यायाम माना जाता है। नियमित रूप से इसको अभ्यास करने से पीरियड्स संबंधी परेशानियां तो दूर होती ही हैं, साथ ही पीठ भी लचीली और मजबूत होती है।
वज्रासन: वज्रासन पेल्विक क्षेत्र को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही, अपच और अन्य पेट संबंधी दिक्कतों को दूर करने में भी ये सहायक है। वहीं, अनियमित पीरियड्स और मूत्र संबंधी विकारों को भी दूर करता है।

