डॉक्टरों का कहना है कि शरीर के लिए पर्याप्त नींद लेना आवश्क है। अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। पर्याप्त नींद न लेने की वजह से उच्च रक्तचाप, मधुमेह, दिल से संबंधित रोग एवं मोटापा जैसी कई बीमारियों का सामना करना पड सकता है। अगर पूरी नींद न ली जाए तो ये काफी घातक साबित हो सकता है। आज हम आपके लिए लाए हैं नींद पूरी न होने के कारण होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी-

नींद पूरी न होने की वजह से कॉटिलोस नामक हार्मोन शरीर में बहने लगता है, इस कारण से डिप्रेशन हो सकता है। डिप्रेशन बढ़ने के साथ-साथ मोटापा भी बढ़ जाता है, जो शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।

नींद पूरी न होने से हमारे दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। नींद पूरी न होने की वजह से चिड़चिड़ाहट आ जाती है और गुस्सा भी जल्दी आता है।
कम नींद की वजह से शरीर से कैंसर पैदा करने वाले फ्री रैडिकल्स बाहर निकलने में असमर्थ हो जाते हैं, जिसके कारण शरीर में गंदगी जमी रहती है। इस कारण से ब्रेस्ट कैंसर के अलावा अन्य कई बीमारियां भी हो सकती हैं।

पूरी नींद न लेने के कारण लोगों के दिमाग को आराम नहीं मिल पाता है। जिस कारण से उनकी याददाश्त कम हो जाती है। कम नींद का असर व्यक्ति के दिमाग पर पड़ता है। साथ ही दिमाग की कार्यक्षमता भी कम होने लगती है।

नींद पूरी न होने की वजह से लोगों को शुगर और जंक फूड खाने की आदत लग जाती है। जिसके कारण लोग ज्यादा शक्कर वाली चीजें खाते हैं। जिसकी वजह से ब्लड शुगल लेवल हाई जाता है और डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है।

अगर नींद पूरी नहीं होती है तो कुछ समय बाद व्यक्ति को सोते समय खर्राटे आने लगते हैं। कुछ समय पहले हुए एक शोध के मुताबिक जो लोग देर से सोते हैं उनमें गुड कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है, जिसकी वजब से उन्हें सोते समय सांस लेने में परेशानी आती है और वो खर्राटे लेने लगते हैं।

वहीं अगर बच्चे भी कम नींद लेते हैं तो ये उनके लिए भी खतरनाक हो सकता है। कम नींद बच्चों के दिमाग और याद रखने और सीखने की क्षमता को कम करता है।

डॉक्टरों के मुताबिक नवजात (0-03 महीने) को रोज 14 से 17 घंटे की नींद लेनी चाहिए।
-शिशु(04-11 महीने)- 12 से 15 घंटे की नींद पर्याप्त होती है।
-एक से दो साल का बच्चा- इस उम्र के बच्चों को 11 से 14 घंटों की नींद लेने की सलाह दी जाती है।
-तीन से पांच साल का बच्चा- इस उम्र के बच्चों को 10 से 13 घंटों की नींद लेने की सलाह दी जाती है।
-छह से 13 साल का बच्चा- इस उम्र के बच्चों को 9 से 11 घंटे नींद लेने की सलाह दी जाती है।
-14 साल से 17 साल- इस उम्र के लड़कों को 8 से 10 घंटे नींद लेने की सलाह दी जाती है।
-18 साल से 25 साल- इस उम्र के लोगों को 7 से 9 घंटे सोने की सलाह दी जाती है।
-26 साल से 64 साल- इन लोगों को 6 से 8 घंटे सोने की सलाह दी जाती है।
-64 वर्ष की आयु के ऊपर के लोगों को कम से कम 5 घंटे सोने की सलाह दी जाती है। इस उम्र के लोगों को 9 घंटे से ज्यादा न सोने की सलाह दी जाती है।